राज्य की जलापूर्ति योजनाओं पर 64% राशि खर्च हो गई, इसके बाद भी अधूरी हैं। हजारीबाग, रांची, चास, गिरिडीह, धनबाद और आदित्यपुर में 1334.18 करोड़ की जलापूर्ति योजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें से 852.88 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। रांची जलापूर्ति योजना फेज वन के 266.15 करोड़ में से 189.75 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। हजारीबाग जलापूर्ति योजना 416.56 करोड़ की है, इसमें 272.58 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। चास जलापूर्ति योजना के 129.29 करोड़ में से 107.54 करोड़, आदित्यपुर जलापूर्ति योजना के 326.55 करोड़ में से 172.42 करोड़ रुपए, धनबाद जलापूर्ति योजना फेज वन के 159.31 करोड़ में से 76.84 करोड़ खर्च हो चुके हैं। लेकिन, इन सभी जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। राज्य में चल रही सीवरेज ड्रेनेज योजना का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। पांच सिवरेज-ड्रेनेज के लिए 251.50 करोड़ की योजनाओं में से 175.77 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।


