भास्कर न्यूज | जामताड़ा जामताड़ा सदर थाना परिसर में सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं विधि–व्यवस्था के अनुरूप संपन्न कराने को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो ने की, जबकि मुख्य रूप से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद उपस्थित रहे। बैठक में पूजा आयोजन, प्रतिमा विसर्जन, यातायात व्यवस्था, डीजे संचालन, सुरक्षा व्यवस्था एवं विधि–व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से सभी पूजा समितियों से अपील की गई कि वे निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पर्व मनाएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था उत्पन्न न हो। मीडिया से बातचीत करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद ने कहा कि डीजे संचालकों को समय-सीमा के संबंध में पूर्व से ही लिखित सूचना दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रात 10 बजे के बाद कहीं भी डीजे बजते पाए जाने पर आम नागरिक 100 या 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दे सकते हैं। सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। निर्धारित समय का उल्लंघन करने वालों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में शांति समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सभी सुझाव बेहद मूल्यवान हैं, जिन्हें प्रशासन आत्मसात करेगा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर सरस्वती पूजा में शांति समिति की बैठक नहीं होती, लेकिन बीते दो वर्षों के अनुभव को देखते हुए यह बैठक आयोजित की गई है, ताकि जामताड़ा में सभी पर्व-त्योहारों की तरह सरस्वती पूजा भी शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रशासन और शांति समिति के सहयोग से जामताड़ा में सभी पर्व-त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाए गए हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी सरस्वती पूजा को भाईचारे और आपसी सौहार्द के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूजा समितियों के साथ बैठक कर नई पीढ़ी को सही और गलत के बीच का अंतर समझाएं। बैठक का संचालन दुर्गादास भंडारी ने किया। इस अवसर पर नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खंडेत, अजीत दुबे, विजय दुबे, इरशाद उल हक, आरसी संतन मिश्रा, अशोक नायक, अनूप पांडे, अशोक सिंह, गौर बाउरी, निलेश कुमार सहित जनप्रतिनिधि, पूजा समिति के सदस्य एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में प्रशासन की ओर से सभी लोगों से सहयोग की अपील करते हुए सरस्वती पूजा को आपसी भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाने का आग्रह किया गया।


