जालंधर बार एसोसिएशन ने पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है। एसोसिएशन का कहना है कि गंभीर सबूत होने के बावजूद पुलिस ने परविंदर सिंह (संदीप सिंह के पिता)को अब तक गिरफ्तार नहीं किया। इसी तरह सैम क्वात्रा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। एसोसिएशन ने पुलिस के इस रवैये को बेहद आपत्तिजनक और संवेदनहीन बताया। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर अपमानजनक और भड़काऊ वीडियो भी मौजूद हैं, जिन्हें हटाया नहीं गया। इस कारण एसोसिएशन ने मांग की है कि पुलिस तुरंत एफआईआर दर्ज करे, आरोपियों को गिरफ्तार करे और आपत्तिजनक वीडियो हटाए। इस पूरे मामले में विरोध जताने के लिए जिला बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि सोमवार यानी 22 सितंबर को नो वर्क डे का ऐलान किया है। उस दिन अदालतों में कोई काम नहीं होगा। बार एसोसिएशन ने सभी वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और प्रशासनिक विभागों से इस आंदोलन में सहयोग देने की अपील की है। वकील को दी थी धमकी, रंगदारी भी मांगी थी जालंधर के वरिष्ठ वकील मंदीप सिंह सचदेवा को कनाडा से संचालित एक फेसबुक अकाउंट के जरिए रंगदारी और जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। संदेश भेजने वाले ने वकील से 1.5 लाख रुपए की मांग की और पैसे न देने पर सोशल मीडिया पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की धमकी दी थी। साथ ही वकील के परिवार की तस्वीरें फेसबुक से डाउनलोड कर उन्हें सार्वजनिक करने की चेतावनी भी दी गई। जांच में सामने आया कि यह फेसबुक अकाउंट कनाडा में रह रहे संदीप सिंह उर्फ सन्नी द्वारा चलाया जा रहा था। सीआइए स्टाफ ने वकील के सहयोग से जाल बिछाकर उस शख्स को पकड़ा, जो पैसे लेने आया था। उसने कबूल किया कि वह खुद भी कनाडा बैठे आरोपी के दबाव में है और उसी के कहने पर आया था। पुलिस ने जतिंदर सिंह उर्फ साबी, संदीप सिंह उर्फ सन्नी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। केस में रैणक बाजार के कपड़ा व्यापारी संजू अरोड़ा उर्फ सैम कवात्रा ने को भी आरोपी बताया गया था, मगर जब जांच की तो पता चला कि वह खुद भी पीड़ित है और उसने थाना साइबर सेल में शिकायत दी हुई थी।


