छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में शुक्रवार को जिंदल कोल माइंस में ब्लास्ट होने से 1 श्रमिक की मौत हो गई थी और 2 लोग घायल हो गए थे। जहां सोमवार को ईलाज के दौरान एक और श्रमिक की मौत हो गई। ऐसे में घटना को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने आज चक्काजाम कर दिया और 50 लाख रुपये मुआवजा की मांग कर रहे हैं। घटना को शुक्रवार की दोपहर में घटित हुई थी। जहां ब्लास्ट से पत्थर वैन के भीतर घुस जाने से उसकी चपेट में आकर ओड़िसा का रहने वाला आयुष बिश्नोई की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं चंद्रपाल राठिया व अरूण लाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें ईलाज के लिए जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां ईलाज के दौरान सोमवार को कोसमपाली निवासी चंद्रपाल राठिया की मौत हो गई। घटना की जानकारी जब उनके परिजनों व ग्रामीणों को लगी, तो ग्रामीण आज सुबह लगभग 9-10 बजे से ग्रामीण कोल माइंस 4/2, 4/3 के मेन गेट के सामने चक्काजाम कर दिया। अधिकारी समझाईश देने पहुंचे
ग्रामीण 50 लाख रुपये की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जिसकी जानकारी लगने के बाद पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समझाईश देने लगे, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में ओड़िसा के श्रमिक को 50 लाख मुआवजा दिया गया था और स्थानीय मजदूर को कम मुआवजा दिया जा रहा था।
चक्काजाम समाप्त कराया गया
इस संबंध में तमनार थाना प्रभारी आर्शीवाद राहटगांवकर ने बताया कि ग्रामीण अपनी मांगो को लेकर चक्काजाम कर रहे थे। जहां उन्हें समझाईश दी गई। उनकी मांग थी कि मृतक के परिजनों को 50 लाख मुआवजा दिया जाए। जहां उनकी मांग को पूरा कराते हुए चक्काजाम समाप्त कराया गया है।


