राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज व शहरी निकायों के प्रस्तावित चुनावों को लेकर चुनाव खर्च की सीमा में बढ़ोतरी कर दी है। इसमें शहरी निकाय और पंचायती राज में पदों के आधार पर अलग-अलग खर्च सीमा तय की गई है। इससे पहले निर्वाचन आयोग ने 2019 में चुनाव खर्च की सीमा में बढ़ोतरी की थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने निर्देश जारी किए हैं। इसमें नगर निगम पार्षद के लिए चुनावी खर्च की सीमा सबसे ज्यादा बढ़ी है। नगर निगम के चुनाव में प्रत्याशी 3.50 लाख रुपए खर्च कर पाएंगे। जिला परिषद सदस्य के लिए प्रत्याशी 3 लाख रुपए व्यय कर सकते हैं। नगर परिषद में पार्षद प्रत्याशी अब 2 लाख व नगरपालिका में पार्षद प्रत्याशी 1.50 लाख रुपए तक खर्च कर पाएंगे। जबकि सरपंच पद के लिए निर्वाचन आयोग ने 1 लाख रुपए की सीमा तय की है। अभ्यर्थियों को चुनाव व्यय का संपूर्ण लेखा निर्धारित प्रपत्र में भरकर देना होगा। निर्धारित व्यय से ज्यादा खर्च होने या गलत विवरण देने पर कार्रवाई करेगा। निर्वाचन आयोग ने छह साल बाद प्रत्याशियों के चुनावी खर्च में बढ़ोतरी की है। 2014 की तुलना में चुनाव खर्च चार गुना तक बढ़ चुका है। 2014 में नगर परिषद में 2014 में 60 हजार थे। इसे 2019 में 1.50 लाख और अब 2 लाख किया गया है। 2014 के मुकाबले नगर परिषद के चुनाव खर्च 1.40 लाख रुपए बढ़ाया जा चुका है। इसी तरह नगरपालिका में 2014 में 40 हजार, 2019 में 1 लाख और अब 1.50 लाख किया है। यानी 1.10 लाख रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसी तरह पंचायती राज में जिला परिषद सदस्य का चुनावी खर्च सबसे ज्यादा बढ़ा है। 2014 में जिला परिषद के लिए 80 हजार रुपए सीमा तय थी। जिसे 2019 में बढ़ाकर 1.50 लाख और अब 3 लाख रुपए किया गया है। इसमें 2014 के मुकाबले 2.20 लाख रुपए बढ़ा चुके हैं। पंचायत समिति के लिए 2014 में 40 हजार, 2019 में 75 हजार और अब 1.50 लाख रुपए की सीमा तय की गई है। इसमें 1.10 लाख की बढ़ोतरी हुई है। जबकि सरपंच पद के लिए 2014 में 20 हजार और 2019 में 50 हजार रुपए की गई। जिसे अब 1 लाख रुपए किया गया है। 2014 के मुकाबले 80 हजार रुपए ज्यादा खर्च कर पाएंगे। नगर िनगम में चुनाव खर्च की सीमा 80 हजार रुपए से बढ़ाकर अब 3.50 लाख रुपए कर दी गई है। निर्वाचन आयोग ने शहरी निकायों के लिए खर्च सीमा बढ़ाई है। इसमें नगर निगम में एक लाख रुपए की राशि को बढ़ाकर 3.50 लाख रुपए किया गया है। नगर परिषद व नगरपालिका में राशि में 50-50 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है। नगर परिषद में 2 लाख और नगरपालिका क्षेत्र में प्रत्याशी 1.50 लाख रुपए खर्च कर पाएंगे। जबकि पहले नगर परिषद में सीमा 1.50 लाख और नगरपालिका में एक लाख रुपए तय थी। जबकि नगर निगम में 2.50 लाख रुपए की सीमा नियत थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न पदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा बढ़ाई है। सरपंच प्रत्याशी अब 50 हजार की बजाय 1 लाख खर्च कर सकेंगे : इसमें जिला परिषद सदस्य के लिए चुनावी खर्च की राशि दोगुनी की गई है। अब जिला परिषद सदस्य 1.50 लाख की जगह 3 लाख रुपए खर्च कर पाएंगे। तो पंचायत समिति सदस्य के लिए 75 हजार रुपए की राशि बढ़ी है। अब वे 75 हजार की जगह 1.50 लाख खर्च कर सकते हैं। जबकि सरपंच पद के लिए खर्च सीमा 50 हजार रुपए बढ़ाई गई है। अब सरपंच प्रत्याशी 50 हजार की जगह 1 लाख रुपए तक खर्च कर सकते हैं। यह आदेश आने वाले निकाय व पंचायतीराज चुनाव में लागू होंगे।


