इंदौर में दूषित पानी पीने पीने से मौतों के बाद भी प्रशासन नहीं चेता। बैतूल में तो जिस जगह से पानी सप्लाई होता है उस फिल्टर प्लांट के ही ठीक बगल में गंदा काई वाला गंदा पानी जम रहा है, जिम के अधूरे निर्माण कार्य के गड्ढे में यहां गंदा पानी संक्रमण को निमंत्रण देर हा है। नपा ने दो साल पहले फिल्टर प्लांट के बगल में शहरवासियों का स्वास्थ सुधारने के लिए 3 हजार वर्गफीट जमीन पर 16 लाख की लागत से जिम बनाना शुरू किया था। इस जिम का निर्माण तो बजट की कमी के कारण 6 फीट गहरा गड्ढा खोदने से आगे नहीं बढ़ा लेकिन अब यहां पर गंदा पानी थमने लगा है। इसके ठीक बगल में ही फिल्टर प्लांट का टैंक है, जिससे 72 लाख लीटर पानी रोजाना सप्लाई होता है। मनीष जैन, बायोलॉजिस्ट जहां पानी थम रहा है वहीं पर ट्यूबवेल भी है। 1 हजार फीट गहरा बोर यहां पर है। इसके पानी में यदि यह गंदा बैक्टीरिया वाला पानी जाता है तो खतरा पैदा हो सकता है। साथ ही फिल्टर प्लांट का टैंक तो बगल में ही है। इस कैंपस में गंदगी होना ठीक नहीं है। इंतजाम और जांच कराएंगे यदि फिल्टर प्लांट कैंपस में पानी थम रहा है तो यह गलत है। इसकी जांच करवाने और इसे रुकवाने के लिए इंतजाम करवाने जलप्रदाय अमले को हिदायत दी जाएगी। इस ओर ध्यान दिया जाएगा। – सतीश मटसेनिया, सीएमओ यह पानी इसीलिए जमा हो रहा है क्योंकि फिल्टर प्लांट के ठीक बगल में ही नपा का स्वीमिंग पूल है। इस स्वीमिंग पूल के बोर से कई बार पानी लेकर फिल्टर प्लांट तक लाया जाता है। वहीं कई बार स्वीमिंग पूल में यहां से पानी पहुंचाया जाता है। इस पाइप लाइन में लीकेज इस अधूरे निर्माण कार्य के गड्ढे में है। इस कारण यहां लगातार पानी जमा हो रहा है।


