जिला उपभोक्ताा फोरम का फैसला:यात्री की फ्लाइट मिस हुई, सेवा में दोषी एयर लाइन पर 84 हजार का जुर्माना

पाली के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यात्री की फ्लाइट मिस होने के मामलें दर्ज शिकायत की सुनवाई की। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद उन्होंने एयर लाइन कम्पनी को सेवा में दोषी मानते परिवादी को 84 हजार रुपए जुर्मान सहित मानसिक संताप के रूप में देने का निर्णय दिया। पाली के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में पाली के दोपोलिया बास निवासी 40 वर्षीय परिवादी मोना पारख ने आयोग में अपने अधिवक्ता सुनील विजयवर्गीय व नेहा जैन के जरिए परिवाद दर्ज करवाया। जिसमें बताया कि
5 मार्च 2022 को बेंगलुरु से जोधपुर जाने के लिए इंडिगो फ्लाइट संख्या 6E6032 की टिकट बुक कराई थी। आरोप लगाया कि समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने के बावजूद, एयरलाइन कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उनकी फ्लाइट छूट गई। बोर्डिंग गेट पर कोई स्पष्ट सूचना न मिलने और गलत जानकारी देने के चलते उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, एयरलाइन ने न केवल उनकी फ्लाइट मिस करवाई बल्कि बैग को भी गलत तरीके से जोधपुर भेज दिया। बाद में, जब उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई तो अगले दिन की फ्लाइट के लिए उनसे 1800 रुपए अतिरिक्त वसूले गए। इस दौरान उन्हें होटल और परिवहन खर्च भी वहन करना पड़ा।
दोनों पक्षों को सूनने के बाद पाली के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग यतीन्द्र शर्मा और सदस्य मेहनाज सम्मा ने एयर लाइन कम्पनी को सेवा में दोषी मानते हुए फैसला सुनाया। जिसके तहत एयर लाइन काम्पनी को शिकायतकर्ता मोना को उड़ान खर्च के लिए 1,800, मुकदमे की लागत के रूप में 4000 और मानसिक उत्पीड़न के लिए 70 हजार का मुआवजा देने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त 5 हजार की मासिक रखरखाव राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। साथ ही गैर-अनुपालन की स्थिति में 9% प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी देना होगा।

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