आगामी त्योहारों को लेकर बुधवार को जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक मिनी सचिवालय सभागार में हुई। जिसमें जिले में कानून-व्यवस्था, शांति और सौहार्द बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही हाल ही में प्रताप चौक पर धरना दे रहे गौसेवकों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने जिले में कानून व शांति व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, सफाई व स्वच्छता, पेयजल एवं बिजली सप्लाई के संबंध में चर्चा कर शांति समिति के सदस्यों से सुझाव लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित किया। बैठक में सुझाव आए कि रात्रि के समय 10 बजे के बाद शादी-समारोह में डीजे नहीं बजाया जाए। शहर में यातायात को सुचारु किया जाए। शहर के प्रताप चौक पर धरने प्रदर्शन के स्थान पर अन्य जगह प्रदर्शन स्थल के निर्धारण के बारे में भी चर्चा की। ताकि आम नागरिकों को आवागमन में असुविधा न हो। हाल ही में गौसेवकों के प्रदर्शन के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एसपी से इस मामले में निष्पक्ष जांच करवाई जा रही है। साथ ही गौसेवकों की मांगों को मानते हुए नगर परिषद की ओर से नियाना ट्रेचिंग ग्राउंड में शीघ्र ही मृत मवेशियों के लिए बड़े पिट का चिन्हीकरण कर उसके चारों तरफ से 6 फीट की ऊंची दीवार बनाकर ढ़कान करने का कार्य किया जाएगा। वहीं मृत मवेशियों को जलाने के लिए केंद्र के लिए साढ़े 4 करोड़ रुपए की निविदा आमंत्रित कर दी है। बैठक में एसपी अभिषेक अंदासु ने भी आपसी सौहार्द व भाईचारे के साथ त्यौहारों को मनाने की अपील की। इस अवसर पर एडीएम भंवरलाल जनागल, एएसपी राजेश चौधरी, नरेश सिकरवार, पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन, आनंद गर्ग, राजेंद्र नागर, ओमप्रकाश पारेता, राकेश जैन सहित शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे। शांति समिति की बैठक में प्रताप चौक पर धरना दे रहे गोसेवकों पर हुए लाठीचार्ज की घटना का मामला भी जमकर उठा। इसको लेकर भाजपा नेताओं ने इसे निदंनीय बताया। राकेश जैन ने कहा कि गोसेवकों की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया जा रहा था, फिर पर उन पर लाठीचार्ज क्यों और किसके आदेश पर किया गया। अगर बिना आदेश के लाठीचार्ज किया, तो यह अनुशासनहीनता है। इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। लाठीचार्ज में बच्चों सहित कई लोगों के चोटें आई है। एक गौसेवक को पैर में गंभीर चोट आने से चलने भी समस्या आ रही है। वहीं नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल ने कहा कि धरने के दौरान गौसेवकों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया। इसके बाद गोसेवकों को पकड़कर थाने ले जाकर उनसे मारपीट की गई।


