जिला स्थापना समिति की बैठक जिला प्रमुख रेशम मालवीया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में तीन अहम मुद्दों पर निर्णय लिया है। पहला रीट लेवल-प्रथम और द्वितीय के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र के 5 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देकर पदस्थापन के लिए पंचायत समिति आवंटन किए हैं। दूसरा- लेवल-2 विषय सामाजिक अध्ययन के अंतर्गत दिसंबर में मिली दो महिला शिक्षकों की नियुक्तियां निदेशालय के आदेश पर निरस्त की हैं। इनमें से एक शिक्षिका ने ज्वॉइन कर लिया था और दूसरी शिक्षिका ने ज्वॉइन नहीं किया था। निरस्ती के पीछे कोर्ट आदेश की पालना बताई है। – तीसरा मुद्य पंचायत समिति घाटोल के सचिव देवीलाल पारगी का है। वर्ष 2006 में पंचायत समिति आनंदपुरी में सचिव रहने के दौरान इन्होंने मनरेगा योजना में वित्तीय अनियमितता की थी। विभागीय जांच में अनियमितता सिद्ध होने के बाद इनसे और इनके सहयोगियों से राशि की रिकवरी हो चुकी है। इनके खिलाफ सीसीए 16 में विचाराधीन प्रकरण में इनकी दो वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने के दंड से दंडित करने का निर्णय लिया है। बैठक में सीईओ गोपाललाल स्वर्णकार, डीईओ शफब अंजुम, अतिरिक्त कोषाधिकारी चर्चित मेहता (कलेक्टर प्रतिनिधि) उपस्थित रहे। जयश्री गामोट को यूपीएस जहांपुरा छोटी सरवन, पुष्पा कुमारी मीणा को यूपीएस बारी बागीदौरा, रेशम कुमारी मीणा को प्राथमिक विद्यालय नागनसेल घाटोल, संगीता डोडियार को प्राथमिक विद्यालय रूपपुरा बांसवाड़ा और चिराग पंड्या को प्राथमिक विद्यालय नवाघरा, ब्लाक आनंदपुरी में ज्वॉइनिंग दी गई है। इनकी नियुक्तियां की निरस्तः राउप्रावि जहांपुरा की शिक्षिका सरला कुमारी डामोर की नियुक्ति निरस्त की है। इनको नियुक्ति के बाद स्कूल आवंटन हुआ था लेकिन इन्होंने ज्वॉइनिंग नहीं दी थी। दूसरी शिक्षिका राउप्रावि जानावारी, पंचायत समिति तलवाड़ा की मनीषा गरासिया है। बताया गया है कि जब इनको कर्मचारी चयन आयोग ने ज्वॉइनिंग दी थी, तब विडो को 50 प्रतिशत कोटा के आधार बनी मैरिट के अनुसार दी थी लेकिन बाद में एसटी संगठन ने 36 प्रतिशत कोटा देने के लिए न्यायालय में रिट लगाई थी, जिसमें कोर्ट के आदेश के बाद ये मैरिट से बाहर हो गए हैं।


