भास्कर न्यूज | कवर्धा कलेक्टर की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 (संशोधित 2021) के तहत गठित समितियों की त्रैमासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने और सड़कों पर रहने वाले बेसहारा बच्चों के संरक्षण व पुनर्वास पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वर्ष 2028-29 तक छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत वर्ष 2025-26 तक जिले की 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है। लक्ष्य की पूर्ति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग शिक्षा, पंचायत एवं नगरीय प्रशासन सहित अन्य विभागों के समन्वय से जागरूकता अभियान चला रहा है। स्कूलों, ग्राम पंचायतों, धार्मिक स्थलों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से रैली, शपथ ग्रहण और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान को व्यापक बनाए: कलेक्टर वर्मा ने कहा कि बेसहारा और देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अभियान को और व्यापक बनाया जाए। संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए बच्चों को संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ें। उन्होंने कहा अभियान को व्यापक बनाएं।


