जशपुरनगर | छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई श्री रामलला दर्शन योजना राज्य के नागरिकों के लिए न केवल एक तीर्थयात्रा का अवसर बन रही है, बल्कि यह धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को भी नया आयाम दे रही है। इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन कराने का अवसर देना है। छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है और यहां के लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “भांचा राम” कहकर पुकारते हैं। भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था यहां जन-जन में रची-बसी है। जशपुर जिले से अब तक 986 रामभक्त अयोध्या यात्रा कर भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। यात्रियों के चेहरों पर दर्शन के बाद आत्मिक संतोष और आध्यात्मिक प्रसन्नता साफ झलकती है। वे मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लौटते हैं। यात्रा के दौरान जब ट्रेन रवाना होती है, तो भजन-कीर्तन और “जय श्रीराम” के नारों से माहौल भक्तिमय हो उठता है। यह दृश्य न केवल आस्था का प्रतीक होता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन जाता है।


