भास्कर संवाददाता | बैतूल भारत सरकार द्वारा विकसित एग्रीस्टेक एक समग्र डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसका उद्देश्य किसानों के लिए एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करना है। भारत सरकार के एग्रीस्टेक कार्यक्रम को प्रदेश में भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। केंद्र की अपेक्षाओं के अनुरूप फार्मर आईडी निर्माण तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जिले में अब तक 2.65 लाख से अधिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं। कृषि विभाग द्वारा प्रमुख कृषक- उन्मुख योजनाओं के हितग्राही घटकों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराते हुए एग्रीस्टेक से एकीकृत किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपने गांव या मोबाइल फोन पर ही योजनाओं की जानकारी मिलेगी और बिना किसी कागजी कार्यवाही के आवेदन की सुविधा उपलब्ध होगी। शासन द्वारा खरीफ 2026 से सभी विभागीय हितग्राही मूलक कृषक-उन्मुख योजनाओं में सहायता- अनुदान के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत जिले में शत- प्रतिशत पात्र कृषकों की फार्मर आईडी बनाए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आगामी खरीफ मौसम से सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी रूप से किसानों तक पहुंचाया जा सके।


