जूनागढ़ के सामने स्थित तीन फाटक पिछले 8 माह से जर्जर स्थिति में पड़े थे। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने इन्हें तत्काल ठीक करने की बजाय लंबे समय तक बंद ही रखा। अब मरम्मत के नाम पर तीन गेट के कोनों को हटाकर नया निर्माण किया जा रहा है, लेकिन एक गेट का पिलर इतना कमजोर है कि वह कभी भी गिर सकता है। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन ने सुरक्षा की जगह कच्ची रस्सियों से इसे बांध दिया है। यह लापरवाही उस समय और गंभीर हो जाती है, जब इन फाटकों से रोजाना लाखों लोग गुजरते हैं। फिर भी, कुछ ही दूरी पर जिला पुलिस और प्रशासनिक भवन होने के बावजूद कोई गंभीर निगरानी नहीं है। स्थानीय राहगीरों का कहना है कि प्रशासन का यह रवैया आमजन की सुरक्षा के प्रति गंभीर अवहेलना है। अगर पिलर गिर गया, तो कौन जिम्मेदार होगा। फोटो में स्पष्ट दिख रहा है कि कमजोर पिलर और कच्ची रस्सियों के बावजूद लोग मजबूरी में इसे पार कर रहे हैं। सुरक्षा इंतजामों की कमी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस पूरे मामले से बीकानेर प्रशासन की लापरवाही उजागर होती है और यह स्पष्ट संकेत देती है कि सुरक्षा से अधिक अपने समय और प्रक्रिया को महत्व दिया जा रहा है। आमजन की जान जोखिम में है और प्रशासन अभी भी सक्रिय नहीं दिख रहा।


