जेईई मेन परीक्षा में राजस्थान का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। इस साल सबसे अधिक राजस्थान के 7 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया। दूसरे स्थान पर तेलंगाना, महाराष्ट्र और यूपी हैं। पिछले पांच साल में 2 बार राजस्थान टॉप पर रहा है। खास बात यह कि पिछले 5 साल (2021-2025) में इस साल राजस्थान ने हमेशा अव्वल रहने वाले तेलंगाना को भी पीछे छोड़ दिया। हर साल राजस्थान के टॉपर्स की संख्या बढ़ रही है। 2021 से लेकर अब तक सबसे अधिक टॉपर्स देने में प्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर है। पिछले पांच साल में अब तक राजस्थान ने 24 टॉपर्स दिए। तेलंगाना ने सबसे अधिक 37 टॉपर्स दिए हैं। वहीं 18 टॉपर्स के साथ आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर है। इस बार देशभर से 24 छात्रों के100 पर्सेंटाइल हैं हालांकि 2024 के मुकाबले यह संख्या आधी है। इस साल 15.4 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था जिनमें से लगभग 14.7 लाख ने एग्जाम दिया। 2.50 लाख छात्रों ने जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई किया है। पेपर में चॉइस हटने से 100 पर्सेंटाइलर्स की संख्या हुई कम
इस बार पेपर में चॉइस हटा दी गई जिससे 100 पसटाइलर्स कम हो गए। जेईई मेन में जनवरी के मुकाबले अप्रैल अटैम्प्ट टफ होता था और मैथ्स हमेशा मुश्किल सब्जेक्ट होता था। लेकिन इस बार अप्रैल में तीन शिफ्ट में मैथ्स का पेपर जनवरी सेशन के मुकाबले थोड़ा आसान आया। इससे छात्रों में कॉन्फिडेंस बढ़ा और उन्होंने अच्छा परफॉर्म किया। ओलम्पियाड की तैयारी से राजस्थान में बढ़े टॉपर्स
जेईई-नीट एक्सपर्ट आशीष अरोड़ा के मुताबिक राजस्थान में ओलम्पियाड के बढ़ते क्रेज के कारण इस साल 100 पर्सेंटाइलर्स की संख्या बढ़ी है। पिछले साल आईआईटी कानपुर ने अपनी सीट्स उन छात्रों के लिए ओपन कर दी थी जिन्होंने ओलम्पियाड में स्टेज 3 क्वालिफाई किया है। यानी इन छात्रों को बिना जेईई एडवांस्ड दिए आईआईटी कानपुर में सीट मिल जाएगी। ऐसे में छात्रों ने ओलम्पियाड की तैयारी बढ़ा दी। ओलम्पियाड का लेवल मेन और एडवांस्ड से भी ज्यादा मुश्किल होता है। राजस्थान में छात्रों के बीच ओलम्पियाड का क्रेज अधिक रहता है इसलिए इस बार यहां का रिजल्ट अच्छा आया है।


