लुधियाना के सिविल अस्पताल में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। शुक्रवार दोपहर केंद्रीय जेल से इलाज के लिए लाया गया एक कैदी पुलिस को चकमा देकर अस्पताल परिसर से फरार हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक फरार कैदी की पहचान सतपाल सिंह के रूप में हुई है, जो चोरी के मामलों में केंद्रीय जेल में बंद था। सतपाल ने बवासीर की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे इलाज और दवाई दिलाने के लिए सिविल अस्पताल लाया गया था। इलाज के बाद दवा लेने की प्रक्रिया के दौरान उसने मौके का फायदा उठाया और भीड़ के बीच से भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अस्पताल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने सतपाल सिंह के खिलाफ हिरासत से फरार होने का नया मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। लगातार सिविल अस्पताल से कैदियों के भागने की घटनाओं ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले हफ्ते ही एक कैदी अस्पताल से भागने में कामयाब हो गया था। पहले भी कई बार पुलिस हिरासत से भाग चुके हैं कैदी यह पहली बार नहीं है जब लुधियाना में कैदी पुलिस हिरासत से फरार हुआ हो। दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों की ओर इशारा करती हैं। जनवरी की शुरुआत में खन्ना इलाके में लूट के आरोपी संतोष कुमार को बरामदगी के लिए ले जाया गया था, जहां वह पेट्रोल पंप के पास पुलिस वाहन से कूदकर फरार हो गया। कुछ दिन बाद मोहित थापर नामक कैदी को केंद्रीय जेल में दाखिल कराने के दौरान पुलिस को चकमा देकर भागने में सफलता मिली, हालांकि उसे अगले दिन दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। लुधियाना कोर्ट परिसर से एनडीपीएस मामले का आरोपी स्टीफन सिद्धू पुलिसकर्मी को धक्का देकर फरार हुआ, जबकि जेएमडी मॉल के पास बाइक चोरी के आरोपी विक्की राज ने चलती गाड़ी से छलांग लगाकर भागने की घटना को अंजाम दिया। फरवरी में सिविल अस्पताल से ही तीन कैदियों ने भागने की कोशिश की थी, हालांकि तब पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था। लेकिन सतपाल सिंह का सफलतापूर्वक फरार हो जाना यह दिखाता है कि अस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पकड़ कमजोर पड़ रही है।


