जेसीबी से सड़क उखड़वाई, कंपनी को ब्लैक लिस्ट के निर्देश:ऊर्जा मंत्री को सीसी रोड-स्कूल में चल रहे काम में मिली लापरवाही, अफसरों को लगाई फटकार

कोटा में सीसी रोड के घटिया निर्माण का मामला सामने आने के बाद सड़क को जेसीबी से उखड़वा दिया गया है। मामला डूंगरज्य गांव का है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर रविवार को डूंगरज्या गांव का दौरा करने के लिए पहुंचे थे। वहां सड़क निर्माण में लापरवाही पर एक्सईएन को बुलाया। इस पर एक्सईएन ने कहा कि कार्य रिजेक्ट कर दिया है तो मंत्री नागर ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि केवल पेमेंट रोकने से काम नहीं चलेगा। कंपनी को ब्लैक लिस्ट करें। टेंडर को रिजेक्ट कर दोबारा टेंडर कराया जाए। वहीं गांव के संस्कृत स्कूल के क्लास रूम के निर्माण में भी लापरवाही मिली। इस पर मंत्री नागर ने अधिकारियों को बुलाया और फर्श को उखड़वा दिया। स्कूल में 18 लाख रुपए से निर्माण कार्य चल रहा है। लापरवाही पर निर्माण करने वाली फर्म को मंत्री नागर ने ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। सीसी सड़क में पड़ी थी दरारें, दाेबारा टेंडर का आदेश
मंत्री हीरालाल नागर ने डूंगरज्या गांव में बन रही सड़क के निर्माण कार्य को देखा तो सड़क पर गहरी दरारें पड़ी हुई थी। निर्माण कार्यों की घटिया गुणवत्ता देखकर अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। मंत्री नागर ने अधिकारियों को कहा था कि मेरे इलाके में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य बर्दाश्त नहीं होंगे। उन्होंने मौके पर एक्सईएन को बुलाकर जानकारी ली। एक्सईएन ने बताया कि कार्य को रिजेक्ट कर दिया गया है तो मंत्री नागर ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि केवल पेमेंट रोकने से काम नहीं चलेगा। कंपनी को ब्लैक लिस्ट करें। टेंडर को रिजेक्ट कर दोबारा टेंडर कराया जाए। इस दौरान उन्होंन स्कूल के निर्माण कार्य को भी देखा। जेसीबी से उखड़वाई सड़क मंत्री की नाराजगी के बाद मंगलवार को अधिकारियों ने घटिया निर्माण सड़क को जेसीबी से उखड़वा दिया। अब यहां फिर टेंडर जारी कर सड़क निर्माण करवाया जाएगा। वहीं इस सड़क निर्माण के दौरान जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी थी। उन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 18 लाख रुपए से स्कूल में चल रहा है निर्माण कार्य निरीक्षण के दौरान डूंगरज्या के संस्कृत स्कूल में भी क्लास रूम के निर्माण में लापरवाही मिली थी। यहां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से सीएसआर फंड से क्लास रूम निर्माण के लिए 18 लाख रुपए की राशि दी गई थी। मंत्री हीरालाल नागर ने स्कूल में देखा तो निर्माण कार्य घटिया मिला। उन्होंने अधिकारियों को बुलाया और मौके पर ही फर्श को उखड़वाया। फर्श के नीचे बिना पीसीसी और सोलिंग किए ही मिट्टी भरकर कोटा स्टोन लगा दिया था। इसके बाद निर्माण करने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।

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