महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में संभावित बदलाव को लेकर जिले में राजनीतिक पारा गरमा गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने नाम बदलने की कोशिश को महापुरुषों का अपमान बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वरिष्ठ नेताओं ने साधा निशाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला प्रभारी राजेंद्र मूंढ, पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद, और पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव ने संयुक्त रूप से कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी यह योजना गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है। इसके नाम के साथ छेड़छाड़ करना कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। जिला अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कहा कि भाजपा सरकार जनहित की योजनाओं का नाम बदलकर केवल अपनी ब्रांडिंग करना चाहती है। रविवार को अंबेडकर पार्क में जुटेंगे कांग्रेसी विरोध को धरातल पर ले जाने के लिए कांग्रेस ने कल, यानी रविवार को एक दिवसीय उपवास रखने का निर्णय लिया है। जिला अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने बताया कि शहर के अंबेडकर पार्क में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष सुबह 11 बजे से यह उपवास शुरू होगा। उन्होंने इसे ‘जनाक्रोश’ की शुरुआत बताते हुए कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में जुटने की अपील की है। सांसद और पूर्व जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में जैसलमेर-बाड़मेर सांसद सहित जिले के पूर्व विधायक, पूर्व जिला प्रमुख, पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधि, ब्लॉक अध्यक्ष और अग्रिम संगठनों (महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई) के पदाधिकारी शामिल होंगे। कांग्रेस का मानना है कि इस योजना का नाम बदलना ग्रामीण भारत की आत्मा पर चोट करने जैसा है। जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर बोले – “यह केवल नाम का बदलाव नहीं, बल्कि गांधीवादी विचारधारा को मिटाने की कोशिश है। हम सड़क से सदन तक इसका विरोध करेंगे।


