कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया और इसके विरोध में “मनरेगा बचाओ संग्राम-जनआंदोलन” शुरू करने की घोषणा की। जिला कांग्रेस कि और से रविवार को अंबेडकर पार्क में सुबह 11 से 2 बजे तक शांतिपूर्ण उपवास रखा जाएगा। महात्मा गांधी शांति-अहिंसा के प्रतीक पूर्व मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार को लेकर कहा कि महात्मा गांधी केवल एक नाम नहीं, बल्कि शांति और अहिंसा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, “सरकार योजनाओं के नाम में ‘राम’ जोड़कर राजनीति कर रही है, लेकिन जनता का भला नाम बदलने से नहीं बल्कि काम मिलने से होगा।” उन्होंने कहा कि मनरेगा के कारण गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन में भारी कमी आई है। 12 करोड़ को रोजगार की गारंटी जिला प्रभारी रामसिंह कसवां ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा लाया गया यह कानून 12 करोड़ लोगों को रोजगार की गारंटी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपना हिस्सा 90% से घटाकर 60% कर दिया है। काम देने का निर्णय अब राज्यों के बजाय केंद्र ने अपने पास रख लिया है। उन्होंने कहा कि औसतन केवल 55 दिन का रोजगार मिल रहा है, जबकि 125 दिन का वादा सिर्फ छलावा है। राज्यों पर आर्थिक बोझ और भेदभाव का आरोप: रीटा चौधरी मंडावा विधायक और जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी ने कहा कि राज्यों की वित्तीय स्थिति पहले से ही खराब है, ऐसे में 40% हिस्सेदारी का बोझ डालना योजना को ठप करने जैसा है। उन्होंने कहा, “एसी कमरों में बैठे लोग यह तय नहीं कर सकते कि किस पंचायत में क्या काम होना चाहिए, यह अधिकार पंचायतों के पास ही रहना चाहिए।” उन्होंने अंदेशा जताया कि केंद्र सरकार उन राज्यों के साथ भेदभाव करेगी जहाँ भाजपा की सरकार नहीं है।


