जोधपुर के कुड़ी भगतासनी पुलिस थाने में सोमवार को एक अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के विरोध में अरनोद अभिभाषक संघ ने अध्यक्ष पवन कुमार भावसार के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। संघ ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम उपखंड आज अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अभिभाषक संघ ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई, तत्काल निलंबन और निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। संघ ने कहा कि पुलिस द्वारा अधिवक्ता जैसे विधिक पेशे से जुड़े व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपते समय विरोध प्रदर्शन भी किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस विभाग में ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो अधिवक्ता समुदाय पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगा। संघ ने राज्य सरकार से अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने की मांग की। अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय और राज्य मानवाधिकार आयोग से भी इस घटना का संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित निर्देश जारी करने की मांग की। अभिभाषक संघ ने दोहराया कि प्रभावी कार्रवाई न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में नरेंद्र गिरी गोस्वामी, राजेंद्र सिंह झाला, शरद जैन, चांदमल मीणा, श्यामलाल रैदास, संदीप भावसार, अनुराग शर्मा, नवीन महंत, हर्षवर्धन सिंह, अजय परमार, रामचंद्र मीणा और भूपेश रैदास सहित कई अधिवक्ता शामिल थे।


