जोधपुर रेलवे स्टेशन पर अब महिला यात्रियों को अपने शिशुओं को स्तनपान कराने या कपड़े बदलने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। 474 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत पुनर्विकसित हो रहे जोधपुर स्टेशन को अब ‘फेमिली फ्रेंडली’ बनाया जा रहा है। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि महिलाओं को प्राइवेसी के साथ सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध हो, इसके लिए जोधपुर रेलवे स्टेशन के सेकंड एंट्री गेट (द्वितीय प्रवेश द्वार) पर नई बिल्डिंग में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। किस फ्लोर पर क्या सुविधा? डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि योजना के अनुसार, सुविधाओं को फ्लोर-वाइज बांटा गया है ताकि यात्रियों को आसानी हो: 474 करोड़ के कायाकल्प का हिस्सा जोधपुर स्टेशन का कायाकल्प अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है, जिसका कुल बजट लगभग 474 करोड़ रुपए है। इस मेगा प्रोजेक्ट में केवल स्टेशन की भव्यता ही नहीं, बल्कि यात्रियों की छोटी-बड़ी जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि भारतीय रेलवे ने देशभर के प्रमुख स्टेशनों पर ‘शिशु आहार कक्ष’ बनाने की पहल की है, ताकि माताओं को भीड़भाड़ वाले प्लेटफार्म पर असहज न होना पड़े। जोधपुर स्टेशन के सेकंड एंट्री गेट पर बन रहे ये कक्ष इसी मुहीम का हिस्सा है। गोपनीयता और स्वच्छता पहली प्राथमिकता डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इन कक्षों के डिजाइन में महिलाओं की निजता (प्राइवेसी) और सुरक्षा का खास ख्याल रखा गया है। बेबी फीडिंग रूम में माताओं को बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल के लिए आरामदायक सीटिंग व्यवस्था होगी। अक्सर देखा गया है कि निर्माण के बाद मेंटेनेंस के अभाव में सुविधाएं खराब हो जाती हैं, लेकिन प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि निर्माण कार्य पूरा होते ही न केवल इसे शुरू किया जाएगा, बल्कि नियमित साफ-सफाई और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम होंगे।


