जो मेरी शरण में रहता है, वो कभी दुख नहीं सहता है…

भास्कर न्यूज| लुधियाना श्री दुर्गा माता मंदिर (नजदीक जगराओं पुल) में सावन माह के उपलक्ष्य में विशेष सत्संग और मां की चौकी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिंदर मित्तल ने की। सर्वप्रथम राजेश गुप्ता और रजत गुप्ता ने ज्योति प्रज्वलित कर महामाई का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर श्री श्री 1008 चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी काशीपुर ने सत्संग में भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि शिव सबके जीवन में प्रकाश करने वाले हैं। शिव का अर्थ ही प्रकाश है और जहां प्रकाश है, वहां शिव हैं। उन्होंने बताया कि शिव किसी का अमंगल नहीं करते। आनंद अगर किसी के पास है तो वह स्वयं शिव हैं। महास्वामी जी ने समझाया कि चार वेदों में जो प्रवीण हो वह चतुर्वेदी, तीन में प्रवीण को त्रिवेदी और दो में प्रवीण को दिवेदी कहा जाता है। शिव भक्ति के लिए उन्होंने कहा, ऊं नम: शिवाय का जप करें। जो इसे नहीं बोल पाते, वे केवल ‘शिव शिव’ का जप करें। इसी से चारों वेदों का फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि पार्वती के पूछने पर शिव ने कहा था, मैं स्थिर नहीं हूं। जहां मेरे भक्त नाम लेते हैं, वहां मैं निवास करता हूं। मां की चौकी में अशोक कुमार जोशी एंड पार्टी ने भजन प्रस्तुत किए। शंकर ने डमरू बजाया, धूमा पै गईया… भगता ने भांगड़ा पाया, भोलेनाथ ये कहते हैं जो मेरी शरण में रहता है, वो कभी दुख नहीं सहता और मेरी मुश्किल को हल करदे पावे आज, करदे पावे कल जैसे भजनों ने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मंदिर समिति ने भजन मंडल और गणमान्य अतिथियों को सम्मान चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर कृष्ण चंद्र गुप्ता, बलबीर गुप्ता, अश्विनी जैन, संजय थापर, गौरव बग्गा, साहिल खुराना, केके सूरी, पिंकी मित्तल समेत शहर के कई श्रद्धालु मौजूद रहे।

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