झाबुआ नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मिलकर अपनी समस्या बताई है। वेतन में लगातार हो रही देरी के कारण कर्मचारी बैंक ऋण की किश्तें, बिजली बिल और अन्य घरेलू खर्चों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनका जीवन यापन मुश्किल हो गया है। इस संबंध में सीएमओ से हुई चर्चा में अधिकारियों ने फिलहाल दो माह का वेतन एक साथ देने में असमर्थता जताई। हालांकि, उन्होंने 27 से 30 तारीख के बीच आंशिक भुगतान करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि फंड मिलने पर कर्मचारियों को राहत दी जाएगी। सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कालिया नाडिया ने बताया कि यह समस्या केवल झाबुआ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की कई नगर पालिकाओं में व्याप्त है, जहाँ कर्मचारियों का वेतन पाँच-छह माह तक लंबित है। उनकी प्राथमिकता जल्द से जल्द दो माह का वेतन दिलाना है। वहीं, सहायक लेखा अधिकारी शैलेंद्र सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि वेतन भुगतान चुंगी की राशि प्राप्त होने पर निर्भर करता है, जिसमें हाल के दिनों में देरी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 20 तारीख तक चुंगी की राशि प्राप्त हो जाएगी और भुगतान प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। फिलहाल, सफाई कर्मियों को भुगतान का आश्वासन तो मिला है, लेकिन स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। कर्मचारी अब प्रशासन के अगले कदम और चुंगी की राशि आने का इंतजार कर रहे हैं।


