मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड गठन के बाद विपक्षी गठबंधन को 20 साल मौका मिला, लेकिन उसने सिर्फ लूटने का काम किया। राज्य में भुखमरी की स्थिति आ गई। 2019 में हमने डबल इंजन सरकार को उखाड़ फेंका। अब राज्य विकास के पथ पर चल पड़ा है। वे मंगलवार को धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम में झामुमो के 53वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जब मंईयां योजना लेकर आई, तो एनडीए वाले इसे रेवड़ी कहते थे। आज उसी योजना की फोटोकॉपी कर दिल्ली और दूसरे राज्य में लाने का दावा कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि सीओ-बीडीओ के ऑफिस दलालों का अड्डा बन गए हैं। कर्मचारी ऑनलाइन व्यवस्था में किसी और का नाम चढ़ा दे रहे हैं। उसी का फायदा उठाकर चतुर-चालाक लोग गरीबों की जमीन बेच रहे हैं। इस पर हमारी नजर है। जमीन के फर्जीवाड़े के खिलाफ राज्यभर में अभियान चलाएंगे। गलत करनेवाले सीओ-बीडीओ जेल जाएंगे। इसके पहले सीएम ने पार्टी का झंडा फहराकर समारोह की शुरुआत कराई। जेल गए हेमंत के रूप में, लौटे गुरुजी बनकर : कल्पना सोरेन गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि वह काला दिन राज्य की जनता को याद होगा, जब हेमंत सोरेन को झूठे मुकदमे में जेल भेज दिया गया था। वे हेमंत के रूप में जेल गए थे, लेकिन लौटे गुरुजी बनकर। उन्हें 5 महीने जेल में रखा गया, लेकिन राज्य की आदिवासी जनता ने दिखा दिया कि वह हेमंत के साथ है। लोकसभा चुनाव में सभी एसटी सीटों पर महागठबंधन की जीत हुई। विधानसभा चुनाव के बाद दोबारा सरकार बनी। यह हमारी मंईयां बहनों का चमत्कार है। 50 लाख करोड़ के बजट में झारखंड के लिए कुछ नहीं सीएम सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार ने 50 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया है। देश के विभिन्न राज्यों और दलित, आदिवासी, ओबीसी के लिए घोषणाएं की गई हैं। लेकिन, झारखंड को कुछ नहीं मिला। यह बजट गरीब विरोधी है। इससे स्पष्ट हो गया है कि देश की अर्थव्यवस्था खोखली हो गई है। 11-12 लाख करोड़ रुपए सलाना सूद में रूप में देना है। ऐसी स्थिति में गरीब कैसे बचेंगे? मनरेगा जैसी योजना में भी कटौती कर दी गई है। सरकार रांची से नहीं, बल्कि गांव-देहात से चलेगी सीएम ने कहा कि झारखंड की सरकार रांची से नहीं, बल्कि गांव-देहात से चलेगी। पिछली सरकार में हमने इसे साबित भी किया है। पहले लोग सीओ-बीडीओ ऑफिस का चक्कर लगाते थे। हमारी सरकार ने व्यवस्था को बदला। सरकार आपके द्वार के तहत पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर आम जनता की समस्याओं का समाधान किया। पुल-पुलिया, सड़क नहीं होने के बावजूद सीओ-बीडीओ किसी तरह पंचायतों में पहुंचे। इस बार भी हम सरकार आपके द्वार के जरिए जनता की समस्या का समाधान करेंगे। राज्य मजबूत होगा, तभी यहां के लोग भी मजबूत होंगे


