झारखंड में मनरेगा योजनाओं में जॉब कार्डधारी 20.42 लाख परिवारों में सिर्फ 30.5 हजार को ही मिला 100 दिन रोजगार

देश की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा में झारखंड के 20,42,159 परिवारों में से मात्र 30,548 परिवार को ही अबतक 100 दिनों का काम इस वर्ष में मिल पाया है। यह कुल जॉब कार्डधारी परिवार का मात्र 1.49% है। 14 जनवरी 2025 तक का यह आंकड़ा पिछले पांच वित्तीय वर्ष की तुलना में सबसे कम है। इस वित्तीय वर्ष में अब मात्र 76 दिन ही बचे हैं। ऐसे में पिछले पांच वित्तीय वर्ष के आंकड़े तक पहुंचना मुश्किल है। जबकि, मनरेगा में एक परिवार को साल में कम से कम 100 दिनों का काम देना कानूनी रूप से जरूरी है। इसके लिए विभागीय स्तर पर और केंद्र सरकार की ओर से लगातार दबाव बनाया जाता है कि मजदूरों को कम से कम 100 दिनों का रोजगार अवश्य मिले। मनरेगाकर्मियों की हड़ताल से प्रभावित हुआ काम मनरेगाकर्मियों की 79 दिनों तक हड़ताल रही। लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी हुए। इसकी वजह से काम प्रभावित हुआ है। अभी मार्च तक का समय है। इस दौरान कई परिवारों का 100 दिनों का रोजगार पूरा हो जाएगा। अभी हर दिन करीब 3 लाख से ज्यादा मानव दिवस का सृजन हो रहा है। -मृत्युंजय वर्णवाल, मनरेगा आयुक्त 2020-21 में प्रवासी मजदूरों के आने से बढ़ा था रोजगार पिछले पांच सालों में एक परिवार को सबसे ज्यादा 2020-21 में 100 दिनों का रोजगार मिला था। इस समय कोरोना संक्रमण की वजह से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटे थे। 1,14,384 परिवार को 100 दिनों का रोजगार मिला था। हालांकि, वर्ष 2023-24 में भी आंकड़ा एक लाख परिवार को पार कर गया था। 1,00209 परिवार को 100 दिनों का काम मनरेगा के तहत मिल पाया था। 2024 -25 में मात्र 30548 परिवार को ही 100 दिनों का रोजगार मिला है।

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