झारखंड में NIA की बड़ी कार्रवाई:नक्सलियों के मददगारों के घर पहुंची टीम, मोबाइल सहित कई सामान किए जब्त

झारखंड में एनआईए की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को एनआईए की टीम गिरिडीह पहुंची। यहां नक्सली कृष्णा हांसदा से जुड़े मामले को लेकर कई घरों में छापेमारी की। जिन घरों में टीम ने छापेमारी की है, वे घर नक्सलियों के लिए काम करने वाले संदिग्ध और ओवर ग्राउंड वर्करों के हैं। लगभग पूरे दिन चली कार्रवाई में टीम ने न केवल घरों की तलाशी ली बल्कि उनसे जुड़े दूसरे परिसरों की भी जांच की। जांच के दौरान कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड आदि जब्त किए गए। अब टीम इन सबकी जांच कर रही है। जांच के पीछे का क्या है मामला दरअसल टीम ने जिस मामले में जांच की है वह आरसी-01/2023/एनआईए-आरएनसी का है। यह केस प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के नक्सली कैडर कृष्णा हांसदा की गिरफ्तारी से जुड़ा है। सीपीआई (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति सदास्य नक्सली कैडर कृष्णा हांसदा को जनवरी 2023 में डुमरी थाने के लुसियो वन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। एनआईए की जांच के दायरे में ऐसे लोग थे जो गिरिडीह जिले के पारसनाथ क्षेत्र में सीपीआई (माओवादी) को खाने-पीने की चीजें और इलेक्ट्रानिक वस्तुएं उपलब्ध कराते थे। 16 जनवरी 2023 को हुई थी गिरफ्तारी सीपीआई (माओवादी) के नक्सली कैडर कृष्णा हांसदा के कई नाम है। वह संगठन में सौरभ दा उर्फ अविनाश दा उर्फ कृष्णा मांझी उर्फ आनंद के नाम से जाना जाता है। उसे 16 जनवरी 2023 को गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र स्थित लुसियो जंगल से गिरफ्तार हुआ था। तब वह लेवी लेने के लिए अपने एक अन्य साथी अभिजीत कोड़ा के साथ आया था। पुलिस जब मौके पर पहुंची थी तब कृष्णा का साथी अभिजीत कोड़ा जंगल का लाभ उठाकर भाग निकला था। कृष्णा 15 लाख का इनामी नक्सली है। बता दें कि जब झारखंड पुलिस ने कृष्णा हांसदा को गिरफ्तार किया था तब उसके पास से एक यूएसए निर्मित एक 7.65 बोर की पिस्टल, छह कारतूस, दो लाख 15 सौ 20 रुपए नकद, नक्सली साहित्य व लेवी से संबंधित कागजात की बरामदगी की थी। वह मूल रूप से गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के मंडलडीह स्थित लेढवा टोला का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एनआईए की रांची शाखा ने दर्ज की थी प्राथमिकी झारखंड पुलिस की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी को टेकओवर करते हुए एनआईए की रांची शाखा ने साल 2023 की 30 जून को पहली प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी दर्ज करने से पहले मई महीने में लंबी पूछताछ की थी। इस पूछताछ में कृष्णा ने कई अहम जानकारियां एनआईए से साझा की थी। जिसके आधार पर टीम समय-समय पर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को टीम ने गिरिडीह के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की।

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