झालावाड़ के पीजी कॉलेज में इतिहास परिषद द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण व्याख्यानमाला में प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्रिंसिपल और अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर की गई। पिड़ावा के सहायक वन संरक्षक ने अपने व्याख्यान में बताया कि झालावाड़ जिले में प्राकृतिक संपदा की भरपूर मौजूदगी है। उन्होंने खास तौर पर 14-15 ऐसे स्थलों की पहचान की है, जिन्हें पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग द्वारा तैयार की गई एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी छात्र-छात्राओं को दिखाई गई, जिसे उन्होंने बेहद सराहा। कार्यक्रम में इतिहास विभाग के शोध छात्र वत्सल गुर्जर ने व्याख्यानों की समीक्षा प्रस्तुत की। प्रिंसिपल प्रो. फूल सिंह गुर्जर ने विद्यार्थियों को परीक्षा-केंद्रित पढ़ाई से आगे बढ़कर सामान्य ज्ञान पर भी ध्यान देने की सलाह दी। कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर प्रणव देव ने किया, जबकि संचालन इतिहास परिषद की उपाध्यक्ष सुजल आदित्य ने किया। कार्यक्रम में इतिहास परिषद की अध्यक्ष अनीता रेगर, सचिव गुनगुन हाड़ा समेत कई छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के प्रमुख जैसे डॉ. अर्जुमंद कुरैशी, प्रो. अलका बागला, डॉ. अशोक कंवर शेखावत, डॉ. साधना गुप्ता, प्रो. हमीद अहमद, प्रो. विजय प्रताप सिंह और डॉ. मनीष सिंह चौहान सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।


