झालावाड़ में बुधवार को “पोषण सुरक्षा से सुपोषण की ओर, बच्चों एवं किशोरियों के स्वस्थ भविष्य के लिए” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, झालावाड़ के उपनिदेशक सत्येन्द्र सिंह चौैहान और कृषि विज्ञान केंद्र, झालावाड़ की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. संतोष झाझड़िया के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ, जिसमें 40 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र, झालावाड़ की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. संतोष झाझड़िया ने मौजूद प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका हर घर और आंगन में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में विशेष भूमिका निभाती है।
प्रशिक्षण प्रभारी एवं विषय विशेषज्ञ, केवीके, झालावाड़ की डॉ. तुलिका आचार्य ने पोषण सुरक्षा, सुपोषण और पोषण वाटिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर सभी प्रकार की मौसमी सब्जियां, फल और औषधीय पौधे लगाकर पोषण वाटिका विकसित की जा सकती है। इन उत्पादों को बच्चों के भोजन में शामिल कर उनके पोषण स्तर में वृद्धि की जा सकती है। प्रशिक्षण के बाद, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्र पर स्थित पोषण वाटिका का भ्रमण किया और उसे विकसित करने की जानकारी प्राप्त की। सभी कार्यकर्ताओं ने पोषण सुरक्षा से सुपोषण की दिशा में आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प लिया।


