दुनिया से लगभग खत्म होने के कगार पर जैसलमेर में झुंड में नजर आ रहा है। जैसलमेर के धोलिया-भादरिया ओरण क्षेत्र में इन दिनों राजस्थान का राज्य पक्षी गोडावण झुंड में नजर आ रहा है। पक्षी प्रेमी राधेश्याम पेमाणी ने बताया- शर्मिला पक्षी इंसानी बस्तियों के आसपास खुला घूमता नजर आ रहा है। ये एक बढ़िया संकेत हैं। राज्य पक्षी ओरण क्षेत्र में झुंड में स्वच्छंद विचरण करता इन दिनों जाणार आ रहा है। भादरिया-धोलिया ओरण क्षेत्र में आए दिन झुंड में गोडावण नजर आ रहे है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। खास तौर से विश्नोई समाज के गांवों के आसपास इनकी तादाद ज्यादा देखी जा रही है। क्योंकि उन इलाकों में शिकारियों के घुसने की संभावना ना के बराबर होती है। इसलिए जीव जन्तु बेखौफ होकर घूमते है।
ऐसे में गोडावण का झुंड में एक साथ घूमते नजर आना एक बढ़िया संकेत है। इससे इनकी आबादी के बढ़ने की संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती है। झुंड में गोडावण का नजर आना अच्छा संकेत है पक्षी प्रेमी राधेश्याम पेमाणी ने बताया- ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार 40 से 60 गोडावण पोकरण क्षेत्र के धोलिया- भादरिया ओरण इलाका, पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज, खेतोलाई गांव के पास के ओरण-गोचर में नजर आए हैं। इसके साथ ही विश्नोई समाज के लोगों के खेतों एवं आवासों के आसपास और गोमट व रामदेवरा में वन विभाग के संरक्षित क्षेत्र में गोडावण खुलेआम बेखौफ विचरण कर रहे हैं। यहां खेतोलाई, धोलिया गांवों के आसपास गोडावण झुंड के रूप में नजर आने लगे हैं। जो एक अच्छा संकेत है। वन्यजीव संरक्षण में आगे आए लोग वन्यजीव प्रेमी राधेश्याम पेमाणी ने बताया कि गोडावण शर्मिला पक्षी है। ऐसे में वो मानव आबादी से दूर रहता है। उन्होंने बताया कि ओरण क्षेत्र में धोलिया- भादरिया में गोडावण अच्छी संख्या में है। यहां आए दिन झुंड के रूप में इन्हें देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि बर्ड वॉचिंग के दौरान उन्हें गोडावण पक्षी झुंड के रूप में विचरण करते नजर आए, जिनके फोटो भी उन्होंने लिए हैं। क्षेत्र के अलावा खेतोलाई गांव के भी गोडावण देखे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्नोई समाज के लोग वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर कार्य कर रहे है। जिससे काफी पक्षी व जीव अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और खुलेआम घूम रहे हैं जो एक बढ़िया संकेत है। फोटो- राधेश्याम पेमाणी


