पंकज प्रसाद| लातेहार जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर पांडेयपूरा पंचायत के कई गांव आज भी जर्जर सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। मुख्य सड़क का टेंडर दो साल पहले हो गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों को रोजाना आने-जाने में परेशानी हो रही है। खराब सड़क के कारण कई लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। पंचायत के आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र चेमल व कुदर गांव में आज भी सड़क और पानी की सुविधा नहीं है। गांव में जलमीनार तो लगाया गया है, लेकिन महीनों से वह खराब पड़ा है। यहां सड़क बनी ही नहीं है। दोनों टोलों में अगेरिया जनजाति के करीब 50 घर हैं। इसी तरह पंचायत के बेसरा मुख्य पथ से रेहल होते हुए मुक्का मुख्य पथ को जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इस रास्ते आदिवासी समुदाय के 300 से 400 घरों के लोगों को चलने में भारी दिक्कत हो रही है। रेहल, बेसरा, ऊपर बेसरा और मुक्का समेत दर्जनों गांवों में हजारों की संख्या में आदिवासी परिवार रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नेताओं ने सड़क बनाने का वादा किया। कई सांसद और विधायक जीतकर चले गए, लेकिन सड़क की हालत नहीं बदली। चुनाव के बाद ग्रामीण सांसद और विधायक से मिलकर वादा निभाने की मांग करते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है। ग्रामीणों ने कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन करेंगे।


