राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आंवा सरपंच दिव्यांश एम भारद्वाज ने स्कूली छात्रा कोमल गुर्जर को एक दिन का सरपंच व मनीषा प्रजापत को एक दिन का उप सरपंच बनाया। एक दिन के लिए सरपंच बनी कोमल ने कहा कि बच्चियों के लिए शिक्षा की अनिवार्यता का कानून बने। हर गांव में बच्चियों के लिए आवां जैसा अलग से पुस्तकालय हो। उन्होंने कहा कि हर काम ग्राम पंचायत या सरकार पर छोड़ना ठीक नहीं हैं। कुछ काम ऐसे भी होते हैं,जो स्वयं को ही करने चाहिए। हम घर का कचरा सड़क पर फेंक देते हैं ये गलत बात हैं। सबको अपने-अपने घर के साथ-साथ अपने घर के बाहर की भी सफ़ाई करनी चाहिए। बता दें कि राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं का सम्मान करने की दृष्टि से सरपंच भारद्वाज ने राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल की 11वीं की छात्रा कोमल गुर्जर को एक दिन के लिए ग्राम पंचायत आंवा का सरपंच बनाया।एक अन्य बालिका विजय मनीषा प्रजापत को उप सरपंच बनाया। एक दिन के लिए सरपंच बनी कोमल ने बाकायदा ग्राम पंचायत की कोरम बैठक ली। सरपंच की कुर्सी पर बैठ कर गांव की समस्याओं को गम्भीरता से सुना। ग्राम विकास अधिकारी से सरकारी योजना की प्रोग्रेस जानी। गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए और अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरपंच बनी कोमल गुर्जर ने राजकीय शहीद नारायण सीनियर सेकेंडरी स्कूल और राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं देखी। इस मौके पर लोकतांत्रिक सिस्टम से छह साल से सरपंच बनकर गांव को नई दिशा दे रहे दिव्यांश एम भारद्वाज ने एक दिवसीय सरपंच कोमल गुर्जर की बात देवली SDM रूबी अंसार से कराई तो उन्होंने इस पहल की प्रशंसा की और उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश के विकास में अपनी अच्छी भूमिका निभाने को कहा।


