भास्कर न्यूज | अमृतसर डीसी साक्षी साहनी ने फर्जी ट्रैवल एजेंटों पर नकेल कसने के लिए एडवाइजरी जारी की है। ट्रैवल एजेंटों को हर माह विज्ञापन-प्रचार गतिविधियों का सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म देना होगा। सक्षम प्राधिकारी नियमित रूप से ट्रैवल एजेंटों की गतिविधियों की निगरानी करेंगे। खासतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सभी लाइसेंस प्राप्त ट्रैवल एजेंटों से उनके विज्ञापन और प्रचार प्रथाओं के संबंध में स्व घोषणा पत्र हर हाल में लिया जाए। एजेंटों को अपने विज्ञापनों का पूरा विवरण लिखित रूप में सक्षम प्राधिकारी को देना कानूनी तौर पर भी अवाश्यक है। कोई भी एजेंट यदि इमिग्रेशन एक्ट के तहत वैध भर्ती एजेंट प्रमाण-पत्र या विदेशी नियोक्ता परमिट के बिना कार्य वीजा कार्य परमिट या रोजगार वीजा से संबंधित विज्ञापन देता है या सहायता प्रदान करता है, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। पुलिस ऐसे एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। प्रवासी अधिनियम, 1983 के तहत विदेशी रोजगार के लिए भर्ती से संबंधित गतिविधियों को शामिल नहीं किया गया है। बता दें कि डीसी ने बीते 23 जून को यह आदेश जारी किया है। पंजाब सरकार की तरफ से सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म किस तरह से देना होगा इसका परफार्मा वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। परफार्मा में ट्रैवल एजेंट का नाम, लाइसेंस नंबर, लाइसेंस अवधि, एजेंसी नाम, एजेंसी एड्रेस, कांट्रेक्ट नंबर, ई-मेल आईडी आदि। कई लाइसेंस प्राप्त एजेंट हैं लेकिन कुछ लोग फर्जी तरीके से इस तरह के कामों में संलिप्त हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ एनआरआई विंग की तरफ से एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की गई है।


