मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म मानने वाली कुछ संस्थाएं आज भी समाज में हैं। ऐसी ही संस्था है डालसा (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), जो इलाज की आस में दर-दर भटक रहे गरीब, असहाय, मानसिक रूप से अस्वस्थ और लावारिस लोगों को नया जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डालसा के पारा लीगल वॉलिंटियर्स की मदद से अबतक रिम्स में 8000 से ज्यादा लोगों को मदद मिली है। न सिर्फ इनका इलाज रिम्स में कराया, बल्कि जरूरत पड़ने पर रोगियों को रिनपास, सीआईपी में भी जिला प्रशासन की मदद से भर्ती कराया है। जिन रोगियों को डालसा रिम्स में भर्ती कराती है, उनके स्वस्थ होने तक की जिम्मेदारी लेकर इलाज कराती है। मरीज को खून की जरूरत पड़ने पर खून उपलब्ध कराना, दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने से लेकर डिस्चार्ज के बाद एंबुलेंस तक की व्यवस्था कराना अपनी जिम्मेदारी मानती है। डालसा की पारा लीगल वॉलेंटियर अनिता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि रिम्स में रोजाना 4 से 5 रोगी ऐसे पहुंचते ही हैं, जिन्हें इलाज में डालसा का सहयोग मिलता है।


