डिप्टी सीएम और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि सुखाड़िया यूनिवर्सिटी कुलपति प्रोफेसर सुनीता मिश्रा के खिलाफ मेरे पास पहले भी कई शिकायतें आ चुकी हैं। राज्यपाल ने इस बार उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है, जो उनके विवादित बयान वाले मामले की जांच कर रही है। मामले में जो भी रिपोर्ट आएगी, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कुलपति ने रिपोर्ट आने से पहले गलती स्वीकार की है। जांच रिपोर्ट आने पर इसमें किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं रहेगा। कार्रवाई होगी। डिप्टी सीएम बैरवा पीएम की बांसवाड़ा विजिट के सिलसिले में उदयपुर आए हुए थे। कुलपति अजीत कुमार को सौंपा एडिशनल चार्ज मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी कुलपति सुनीता मिश्रा के छुट्टी पर जाने के बाद एमपीयूएटी उदयपुर के कुलपति अजीत कुमार को अतिरिक्त चार्ज सौंपा है। राजभवन ने बुधवार देर शाम ये आदेश जारी किए। इधर, मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर सुनीता मिश्रा के खिलाफ छात्रों का विरोध जारी है। एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) ने बुधवार को यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ किया। यूनिवर्सिटी में वित्तीय अनियमितता बंद होने, रिजल्ट समय पर आने और छात्र-कर्मचारियों को न्याय मिलने की मांग के साथ छात्रों ने यज्ञ में आहुतियां दी। एबीवीपी पदाधिकारी बोले- कुलपति सही विवेक का करें पालन
एबीवीपी के प्रांत सहमंत्री कुलदीप सिंह ने कहा कि कुलपति सही विवेक का पालन करें और भविष्य में आगे कहीं और इस तरह का बयान नहीं दें। कुलपति को हटाने तक आंदोलन जारी रहेगा। महानगर मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि विरोध करने वाले छात्र गुंडे नहीं हैं, असली गुंडई तो कुलपति कर रही हैं। आरोप लगाया कि उन्होंने महिला कर्मचारियों से मारपीट की और अपमानजनक शब्द कहे। यज्ञ में पूर्व महानगर मंत्री मिलिंद पालीवाल, यूनिवर्सिटी इकाई अध्यक्ष प्रवीण टांक और इकाई अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह आदि मौजूद थे। आज भी सभी कॉलेज बंद कराए
9वें दिन भी यूनिवर्सिटी पूरी तरह बंद रही। एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) और एबीवीपी से जुड़े छात्रनेता और छात्रों ने सभी कॉलेज बंद कराए। आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस, लॉ, होटल मैनेजमेंट सहित सभी कॉलेजों में क्लासेज नहीं चलने दीं। वहीं, विवि. के कर्मचारियों से भी काम नहीं करने की अपील की। ऐसे में यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक और प्रशासनिक काम पूरी तरह ठप रहा।


