राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राअमेरिका भारत को दबाव में लाने के लिए निरंतर प्रपंच रच रहा है, लेकिन अमेरिका के पास अपनी प्रतिभाएं नहीं है। वहां जो प्रतिभाशाली लोग काम करते हैं, वे 70 से 80 प्रतिशत भारत के हैं। राज्यपाल बागडे बुधवार को विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में राष्ट्र प्रथम अंतरराष्ट्रीय विचार गोष्ठी में बोल रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में देश में परमाणु परीक्षण हुआ। जब पाकिस्तान ने देश को धमकी दी तो उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान हमारे देश का यदि एक चौथाई हिस्सा भी बाधित करेगा तो हम पाकिस्तान को दूसरे दिन का सूर्य नहीं देखने देंगे। यही राष्ट्र प्रथम की सोच है। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र प्रथम की भावना यही है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। देश में 25 करोड़ लोगों का जन धन खाता बैंकों में खोला गया हैं। ऐसा कहीं और नहीं हुआ। राष्ट्र प्रथम का भाव यही है कि देश में आजादी के 47 साल बाद कश्मीर के लाल चौक में तिरंगा झंडा फहराया गया। यही राष्ट्र प्रथम है कि हमारा देश तेजी से विकसित भारत बन रहा है। राज्यपाल ने कहा कि आज भारत दूध उत्पादन में पहले स्थान पर, गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और अर्थव्यवस्था 11 से चौथे नंबर पर आ गई है। देश की आबादी के तहत 280 करोड़ हाथ राष्ट्र विकास के लिए काम करें। विधानसभा स्पीकर बोले- विकसित देश नहीं चाहते भारत आगे बढ़ते विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विकसित राष्ट्र नहीं चाहते कि देश आगे बढ़े। भारत विश्वगुरु था नहीं है और विश्वगुरु आगे भी रहेगा। राष्ट्र अपने आप में विचार और जीवंत दर्शन है। हमें भारतीय उत्पादों का ही उपयोग करना चाहिए। विद्यालयों के पाठ्यक्रम, वहां के शिक्षकों में भी राष्ट्रीय भाव पैदा करने और संस्कार निर्माण की शिक्षा दिए जाने की जरूरत है। भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।


