अजमेर डिस्कॉम के 17 जिलों के कार्मिकों ने निगमों के निजीकरण के विरोध में धरना देकर प्रदर्शन किया। यह धरना प्रदर्शन राजस्थान विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर किया गया। निजीकरण के विरोध सहित पुरानी पेंशन योजना लागू करने, जीपीएफ कटौती चालू करने और सीपीएफ कटौती बंद करने की मांग भी की। भारतीय मजदूर संघ के अजमेर संभाग के संगठन मंत्री विनीत कुमार जैन ने बताया-अजमेर डिस्कॉम के कार्मिक अजमेर डिस्कॉम मुख्यालय पंचशील पर एकत्र हुए। धरना देकर प्रदर्शन किया। यहां वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए कहा यह धरना प्रदर्शन विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में और कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में किया जा रहा है। इसमें सभी को एकजुट रहना है। निजीकरण की इस लड़ाई में आम जनता विद्युत मजदूर के साथ है। मजदूरों ने यदि ठान लिया तो किसी भी सूरत में निजीकरण नहीं हो सकता। राज्य सरकार को विद्युत विभाग में नई भर्ती खोलने ही पड़ेगी। सरकार का बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा पूरा होगा। हर हाथ को काम तभी दिया जा सकता है। इन जिलों से आए कर्मचारी
अजमेर डिस्कॉम क्षेत्राधीन अजमेर, ब्यावर, केकड़ी, भीलवाड़ा, शाहपुरा, नागौर, डीडवाना- कुचामन, सीकर, झुंझुनूं, नीम का थाना, बांसवाड़ा, डूंगरपुर , चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़ तथा सलूम्बर जिले से कर्मचारियों ने इस धरना प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पहले भी कर चुके प्रदर्शन
राजस्थान विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर 29 नवम्बर को भी प्रदर्शन किया था। विद्युत विभाग के जिला व वृत कार्यालयों के समस्त कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा कार्य-बहिष्कार किया। बाद में अधीक्षण अभियन्ता/वृत कार्यालयों पर मांगो को लेकर लोकतांत्रिक रुप में प्रदर्शन किया और अधीक्षण अभियन्ताओं के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव, ऊर्जा, राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपे। इसके बाद अधीक्षण अभियन्ता/वृत कार्यालय से शान्तिपूर्ण रैली के रुप में दोपहर को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।


