डीग के तालाबों में गंदे पानी से मछलियों की मौत:पूर्व जिला उपाध्यक्ष के नेतृत्व में 11वें दिन भी अनशन जारी

डीग शहर में तालाबों में बढ़ते प्रदूषण और मरती मछलियों की समस्या को लेकर पूर्व जिला उपाध्यक्ष गिरीश शर्मा के नेतृत्व में चल रहा अनशन शनिवार को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। स्थानीय नागरिक तालाबों और घाटों की सफाई न होने के विरोध में धरना दे रहे हैं। धरने के दौरान गिरीश शर्मा ने बताया कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं करता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि डीग शहर के लगभग सात से आठ वार्डों का गटर का पानी सीधे इन तालाबों में मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, लोगों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर सेप्टिक टैंक न बनवाने के कारण मलमास के महीनों में श्रद्धालुओं के लिए तालाबों में स्नान करना भी मुश्किल हो गया है। मरी हुई मछलियों की दुर्गंध से आसपास से गुजरना भी दूभर हो गया है। शहर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली 84 कोस परिक्रमा में हजारों श्रद्धालु तालाबों में स्नान करते हैं, लेकिन गंदगी और बदबू के कारण अब वे इसमें भाग लेने से कतराने लगे हैं। जल महल सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर आने वाले हजारों पर्यटक भी प्रदूषित पानी देखकर निराश हो रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में जतिन गुप्ता, रघुवीर सैनी, शंकर सैनी, नरेश सैनी, देवेंद्र, गोविंद, राजीव, बबलू पत्ते, पुष्कर कुलश्रेष्ठ, बबलू और कन्हैया डागुर सहित कई स्थानीय नागरिक मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने यदि तालाबों की सफाई और जल संरक्षण के उपाय जल्द नहीं किए गए, तो स्थानीय लोगों का संघर्ष और बढ़ सकता है।

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