बिलासपुर में राज्यपाल और कुलाधिपति रमेन डेका ने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान डीपी विप्र महाविद्यालय के आशीर्वाद पैनल के छात्रों ने कॉलेज को स्वायत्त घोषित करने की मांग की। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने विप्र महाविद्यालय को स्वायत्त घोषित करने के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी भी दी। राज्यपाल ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति मंगवाई और कलेक्टर संजय अग्रवाल को निर्देश दिए। छात्रसंघ के प्रतिनिधियों में मनीष मिश्रा, समर्थ मिरानी, राहुल समुद्र सहित कई छात्र शामिल थे। आशीर्वाद पैनल के छात्रों ने पहले कुलपति को भी ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने तीन दिन में मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी। कुलपति ने 8 मई को हाईकोर्ट से जारी आदेश के विरुद्ध अपील की थी। हाईकोर्ट ने 30 जून को इस अपील को खारिज कर दिया। निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम के अनुरूप विश्वविद्यालय को शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों में आगे बढ़ना चाहिए। ताकि छग के प्रोफेसर कुलपति बन सकें उन्होंने कहा कि सहायक प्राध्यापकों को समय पर प्रमोशन देने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रोफेसर के पद पर दस साल का अनुभव होने के बाद छत्तीसगढ़ के प्रोफेसरों को कुलपति बनने का अवसर मिल सके। प्राध्यापक और छात्रों के बीच तालमेल पर बल राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और छात्रों के बीच बेहतर तालमेल पर बल देते हुए कहा कि शैक्षणिक वातावरण पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया और विभागों की कार्यप्रणाली और स्टाफ से संबंधित जानकारी ली। कुलपति को छात्रों की समस्याएं हल करने कहा डेका विद्यार्थियों से भी मिले और उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर कुलपति को निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक विभाग और विभागाध्यक्षों की बैठक भी ली। साथ ही अध्ययन प्रभाग में पाठ्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा करते हुए नए कोर्स प्रारंभ करने और छात्र संख्या में बढ़ोतरी के प्रयास करने कहा। शिक्षकों के रिक्त पद भरने निर्देश राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने और प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त किए जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संरचना के अनुरूप अध्ययन, अध्यापन की सुविधा सुनिश्चित की जाए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रोफेसर अरूण दिवाकर नाथ बाजपेयी, राज्यपाल की अवर सचिव अर्चना पांडेय, संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


