डूंगरपुर में जिला परिषद सभागार में शुक्रवार को एक कार्यक्रम हुआ। जिसमें विकसित भारत गारंटी फोर रोजगार एंड आजिविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAM G) योजना को लेकर जानकारी दी गई। जिला प्रशासन की ओर से यह आयोजन हुआ जिसमे वीबी-जीरामजी योजना में भ्रम बनाम सत्य को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने इस योजना को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, जबकि यह योजना ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर रहेगा विशेष जोर
कलेक्टर सिंह ने स्पष्ट किया कि जी रामजी योजना मनरेगा की तर्ज पर ही संचालित होगी, लेकिन इसमें ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा वर्ष 2006 से लागू है और पिछले करीब 20 साल में पेयजल, स्वच्छता सहित विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य हुए हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई दिशा देते हुए बेहतर और टिकाऊ ढांचा तैयार किया जाए, इसी उद्देश्य से यह नई योजना लॉन्च की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बजट के साथ स्थानीय स्तर पर भी विकास कार्यों की समन्वित योजना बनाई जाएगी। पानी की सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, आजीविका से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, क्लाइमेट रेजिलीएंस को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन इस योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं। अब 125 दिन का दिया जाएगा रोजगार
कलेक्टर ने बताया कि जहां मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार दिया जाता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 125 दिन किया जाएगा। आवश्यकता और श्रेणी के अनुसार प्राथमिकता तय कर विकास कार्य किए जाएंगे। खेतीबाड़ी के समय नोटिफिकेशन जारी कर योजना को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस मौके पर जिला परिषद के सीईओ हनुमान सिंह राठौड़ एवं एसीईओ अनिल पहाड़िया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


