डूंगरपुर के चौरासी थाना क्षेत्र के हरवनी सांसरपुर गांव में एक 55 साल के बुजुर्ग की लात-घुसों और लट्ठ से पीटकर हत्या के 60 घंटे बाद तीसरे दिन परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए। मृतक के परिवार ओर आरोपी पक्ष के लोगों के बीच समझौते के बाद परिजन माने। शुक्रवार दोपहर को परिजन डूंगरपुर अस्पताल के मॉर्च्युरी पहुंचे। जहां मां, 2 बेटों समेत 6 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। चौरासी थानाधिकारी रमेश कटारा ने बताया कि हत्या की वारदात हरवणी सांसरपुर गांव में 26 नवम्बर को हुई थी। जीवा (55) पुत्र जवला रोत की बुधवार सुबह गांव के समय आरोपी लक्ष्मण (20) पुत्र रामलाल रोत, उसका बड़ा भाई संजय (22) ओर मां तारा देवी समेत अन्य लोगों ने मिलकर लात घुसो ओर लट्ठ से मारपीट की। लट्ठ से हमले में बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इसके बाद से शव खेतों में पड़ा रहा। 18 घंटे से ज्यादा समूह तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर परिजनों ने शव नहीं उठाया। बुधवार देर रात को शव उठाकर डूंगरपुर अस्पताल के मॉर्च्युरी में रखवाया, लेकिन परिजन आरोपी पक्ष के लोगो के साथ मौताने की मांग को लेकर अड़ गए। जिस वजह से भी दोनों पक्षों में कोई समझौता नहीं हो सका। शुक्रवार को तीसरे दिन पुलिस ने परिजनों से समझाइश की। जिस पर परिजन मान गए। इसके बाद परिजन डूंगरपुर अस्पताल के मॉर्च्युरी पहुंचे। यहां तारा पत्नी रामलाल रोत, बेटे लक्ष्मण, संजय, मंजुला पत्नी बापूलाल रोत, हक्सी पुत्र बदा रोत ओर बापूलाल पुत्र रणछोड़ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरी घटना को लेकर जांच कर रही है। हत्या की ये वारदात आरोपी पक्ष की एक बेटी को भगाकर लें जाने के विवाद के चलते हुई है। थानाधिकारी ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को डिटेन कर लिया है।


