जालोर में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर ईडी की कार्रवाई को लेकर कहा- सरकार के खिलाफ आंखों में आंखें डालकर बात की तो ED का छापा स्वाभाविक है। लेकिन हम बब्बर शेर हैं, डरेंगे नहीं। वहीं नेता प्रतिपक्ष ने ज्ञानदेव आहूजा के मंदिर विवाद पर कहा- भाजपा ने नोटिस देकर उनसे 3 दिन में जवाब मांगा था, जवाब आया क्या? पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंगलवार दोपहर 1 बजे जालोर में संजय नगर स्थित नव निर्मित राजीव गांधी भवन (कांग्रेस कार्यालय) का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं का सम्मान किया। हालांकि इस कार्यक्रम में जालोर जिले से कांग्रेस के दोनों विधायक रानीवाड़ा से रतन देवासी और भीनमाल से समरजीत सिंह शामिल नहीं हुए। इसकी काफी चर्चा रही। डोटासरा बोले- विपक्ष को डराकर आवाज दबाई जा रही गोविंद सिंह डोटसरा ने जयपुर में कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर ईडी की कार्रवाई को लेकर कहा- बीजेपी से जो भी व्यक्ति सवाल करेगा, आंख में आंख मिलाकर बात करेगा, हां में हां नहीं मिलाएगा, उस पर इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई की कार्रवाई तो होगी। 11 साल में किसी बीजेपी नेता के खिलाफ ईडी का केस नहीं हुआ। इन्होंने सरकारें तोड़ दी। मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र की सरकारों को तोड़ दिया। भ्रष्टाचार किया। इनके किसी नेता पर कार्रवाई नहीं होती। किसी पर ईडी का केस हो और वो बीजेपी जॉइन कर ले तो उस पर कार्रवाई नहीं होती। हमें डराने धमकाने के लिए ईडी का प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन हम बब्बर शेर हैं। डरने वाले नहीं है। विपक्ष को डराकर उसकी आवाज को दबाने का खेल चल रहा है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति है। प्रदेश में सरकार नाम की चीज नहीं भजनलाल सरकार को बने डेढ़ साल हो गया है लेकिन प्रदेश में सरकार नाम की चीज नजर नहीं आती। जिस दिन पर्ची निकली थी, उस दिन से आज तक स्थिति जस की तस है। सड़क बिजली पानी शिक्षा चिकित्सा किसी भी क्षेत्र में काम नहीं हुआ है। यह सरकार हवा-हवाई वादे करती है। सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की जनहितकारी योजनाओं को बंद कर दिया है। बुजुर्गों की पेंशन खत्म कर दी। इंग्लिश स्कूल बंद कर दिए। पूर्व सीएम अशोक गहलोत का ड्रीम प्रोजेक्ट चिरंजीवी योजना को बंद कर दिया। गरीब को इलाज नहीं मिल रहा। लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। पूर्व सीएम (वसुंधरा राजे) कह रही हैं कि लोग प्यासे मर रहे हैं। पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कृषि मंत्री का पता नहीं कि वे मंत्री हैं या नहीं। पेपर लीक को लेकर उन्होंने कहा कि हर सरकार में पेपर लीक हुए हैं। हर सरकार ने आरोपियों के खिलाफ एक्शन लिया है। लेकिन यह सरकार ऐसा दिखा रही है कि जैसे इन्होंने पहली बार कार्रवाई की है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। कहा- केंद्र सरकार भी विपक्ष की आवाज को दबा रही है। लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाता है। राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने नहीं दिया जाता। यहां भी कांग्रेस की आवाज दबाई जाती है। डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को कहा- आप लोग जनता के बीच जाएं। लोगों के सुख-दुख में शामिल हों। कांग्रेस की विचारधारा को नीचे तक लेकर जाएं। केंद्र सरकार या राज्य सरकार जो गलत नीतियां लेकर आती है उसका संगठित होकर विरोध करें। धर्मनिरपेक्षता के रास्ते पर चलकर जनसेवा के काम करें। डोटासरा ने कहा- जालोर के सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों ने मिलकर सुंदर भवन बनाया है। इसका उद्घाटन करते हुए खुशी हुई। कार्यकर्ता यहां संगठन से संबंधित गतिविधियां कर सकेंगे। चर्चा कर सकेंगे। यह कांग्रेस का मंदिर है। इससे कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी। खुशी की बात है कि ये साल एआईसीसी की ओर से संगठन का साल घोषित किया गया है। इस नए भवन से हमें संगठन को मजबूत करना है। संगठन चलाने के लिए जितनी भी जरूरी व्यवस्थाएं होती हैं, वे सब इस भवन में उपलब्ध हैं। इस दौरान लोकसभा प्रत्याशी वैभव गहलोत, जिलाध्यक्ष पुखराज पाराशर, संयम लोढ़ा और सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे। जूली बोले- 3 दिन में जवाब आना था, क्या हुआ? नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यहां ज्ञानदेव आहूजा को लेकर हुए विवाद पर कहा कि पार्टी (भाजपा) ने उनसे 3 दिन में जवाब मांगा था, 3 दिन तो हो गए, जवाब का क्या हुआ? प्रदेश में इतनी बड़ी घटना (रामगढ़ में जूली के दौरे के बाद मंदिर धोने की घटना) हो गई, लेकिन ज्ञानदेव आहूजा को नोटिस देकर छोड़ दिया। न मुख्यमंत्री ने उस मुद्दे पर दो शब्द बोले और न प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने। ज्ञानदेव आहूजा को जबाव देने के लिए 3 दिन का नोटिस दिया गया था, उसका क्या हुआ। तीन दिन बाद क्या जवाब आया? हम अंबेडकर और संविधान के अनुसार चलने वाले लोग हैं। जबकि गृह मंत्री (अमित शाह) कहते हैं कि अंबेडकर को फैशन बना दिया है, अंबेडकर-अंबेडकर कहते रहते हैं। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो जीवन तर जाता। उन्होंने कहा- कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी। आम जनता और संविधान का हमेशा मान रखा। जनहितैषी नीतियां लेकर आए।मनरेगा, आरटीआई, गरीब पेंशन, चिरंजीवी जैसी योजनाएं लेकर आए। आज सरकार नहीं सर्कस चल रहा है। इस सरकार में जनहित का काम नहीं और बातों की कमी नहीं है। गर्मी में लोगों को बिजली और पानी नहीं मिल रहा है। बरसात में नाले साफ नहीं होते। बिजली पानी महंगा कर रहे हैं। सिलेंडर महंगा कर दिया है। पेट्रोल पर दो रुपए बढ़ा दिए हैं। किसानों की आय दोगुना करने का वादा था, दो करोड़ रोजगार हर साल देने का वादा था, देश को विश्वगुरु बनाने का वादा था। 11 साल में केंद्र सरकार ने कुछ भी नहीं किया। बस जाति और धर्म करते रहे। विपक्ष को दबाने के लिए ED, CBI का दुरुपयोग किया जा रहा है। बीजेपी ऐसी वॉशिंग मशीन बन गई है जिसमें कोई शामिल हो जाए तो सब स्वच्छ हो जाता है। कार्यक्रम में नहीं आए जालोर के दोनों कांग्रेस विधायक कार्यक्रम में रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी और भीनमाल विधायक समरजीत सिंह के नहीं आने की चर्चा रही। दोनों विधायकों की गैर मौजूदगी पर डोटासरा बोले- जिस पार्टी के लिए हम काम करते हैं वह हमारा परिवार हैं। पार्टी के लिए जब महतवपूर्ण कार्यक्रम हो और हमारा ईगो पार्टी से भी बड़ा हो जाए तो यह बात ठीक नहीं हैं। रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य हैं। मैं कुछ दिन में दोनों को जयपुर प्रदेश कमेटी बुलाऊंगा। अगर कुछ दिक्कत है तो इस तरह के कार्यक्रम उन्हें ठीक करने के लिए हैं। कोई न कोई कमी रही होगी। कोई बात तो रही होगी। फिर भी जिस पार्टी के सिंबल पर विधायक जीत कर आते हैं। उस पार्टी के कार्यकर्ता खून पसीने से सींच कर पार्टी भवन बनाते हैं, ऐसे कार्यक्रम में विधायक न आए तो कारण कुछ भी हो, कार्यकर्ता को ठेस लगती है। मैं वादा करके जाता हूं। यह जो गड़बड़ चल रही है इसे जल्दी ठीक करने का काम करेंगे। संगठन सर्वोपरी है। जब नगर पालिका व पंचायत के चुनाव आएंगे। तब इसी कार्यालय में बैठ कर टिकट तय किया जाएगा। हम उनको जयपुर में बुला कर कारण पूछेंगे। रतना देवासी से बात करने पर उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया कि कार्यक्रम से दूरी नहीं बनाई। कार्यक्रम में व्यक्तिगत कारणों से नहीं आ पाया। हमारे नेताओं से मिलकर बता दूंगा। वहीं समरजीत सिंह को कई बार कॉल करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया, न कॉल बैक किया।


