भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर कंपनी की तैयारियां 3 माह बाद भी फेल नजर आ रही हैं। 85 वार्डों को कवर करने के लिए 240 गाड़ियां लगाई जानी थी मगर नई-पुरानी मिलाकर करीब 180 ही लगाई जा सकी हैं। वहीं, बीते 30 जनवरी को एडिश्नल कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने कंपनी के अफसरों संग मीटिंग कर 2 फरवरी (सोमवार) तक वार्डवाइज रूट प्लान और प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे लेकिन कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। कंपनी की ओर से रिपोर्ट सौंपने के लिए थोड़ा और वक्त मांगा गया है। घरों में क्यूआर कोड लगाने को लेकर मेयर-कमिश्नर ने 1 जनवरी को उद्घाटन किया था। जिसके बाद कंपनी ने दावा किया था कि मार्च तक सभी घरों में क्यूआर कोड लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। एक माह में करीब 30 हजार घरों में की क्यूआर कोड लगाए गए है। निगम के अनुसार अनुमानित घरों की गिनती करीब 4 लाख होगी और जिस रफ्तार से कंपनी काम रही है क्यूआर कोड लगाने में एक साल लग जाएगा। निगम-कंपनी के अफसरों ने बीते दिसंबर से ही दावे किए जा रहे हैं कि जल्द ही 240 नई गाड़ियां व 900 मैन्युअल रिक्शा कूड़ा उठान के लिए लगा दी जाएंगी मगर सारी प्लानिंग और कार्रवाई मीटिंग तक सीमित रह जा रही है। वहीं 150 ट्रैक्टर ट्रॉलियों को सड़कों से कूड़ा उठाकर भगतांवाला डंप तक पहुंचाने को लेकर पेमेंट का भुगतान डिले होना भी चर्चा बन चुका है। जबकि निगम की ओर से कंपनी को भुगतान समय पर कराया जा रहा है। पूरा भुगतान न होने से कूड़ा उठाने वाली ट्रैक्टर ट्रॉलियों के मालिकों में नाराजगी है जो अंदरखाते हड़ताल पर जाने की तैयारी हैं। अगर हड़ताल हुई तो कूड़ा संकट फिर गहरा सकता है। ^शहर को साफ-सुथरा बनाने को लेकर निगम कोई समझौता नहीं करेगा। कंपनी अफसरों से कूड़ा कलेक्शन से जुड़े कामों को लेकर कौन सा काम पेंडिंग है। कितना पूरा करा लिया गया। सारी रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट सौंपने के लिए थोड़ा और वक्त मांगने पर दिया गया है। जल्द ही दोबारा से मीटिंग बुलाएंगे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -सुरिंदर सिंह, एडिश्नल कमिश्नर


