अवनीश श्रीवास्तव प्रदेश के सीएम राइज स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब तक ड्रेस नहीं मिली है। जबकि कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के छात्र छात्राओं से स्कूल ड्रेस का पैसा नई कक्षा में प्रवेश के समय ( जुलाई) में ही स्कूल प्रबंधन ने जमा करा लिया था। बावजूद सरकार एडवांस पैसा लेकर भी बच्चों को समय से स्कूल ड्रेस उपलब्ध नहीं करा पाई है। इसके पीछे वजह है कि लोक शिक्षण संचालनालय से पूरे प्रदेश के सीएम राइज स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ड्रेस बनवाने के टेंडर जारी करने में देरी की गई। हालांकि अब अफसरों का दावा है कि इस महीने के अंत तक ड्रेस स्कूलों में पहुंच जाएगी। लेकिन सरकार की इस लेटलतीफी से प्रदेश के 35 हजार बच्चों के लिए यह ड्रेस तीन महीने बाद अनुपयोगी साबित हो जाएगी। कारण ये बच्चे इस साल कक्षा 12वीं की परीक्षा देकर स्कूल से बाहर हो जाएंगे। बता दें कि प्रदेश में 275 सीएम राइज स्कूल हैं। इन स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की संख्या करीब 1.56 लाख है। इन बच्चों से सरकार स्कूल ड्रेस का 19.86 करोड़ रुपया (1076 रुपए प्रति छात्र और छात्रा 1530 रुपए प्रति छात्रा) एडवांस के रुप में ले चुकी है। लेकिन पांच महीने गुजरने के बाद भी इन बच्चों को अब तक ड्रेस नहीं मिली है। सीएम राइज स्कूलों में ड्रेस के लिए भोपाल स्तर से टेंडर प्रक्रिया में थोड़ी देरी होने अब तक ड्रेस का वितरण नहीं हो सका। अब वर्क ऑडर्र जारी हो गए हैं। जल्द ही ड्रेस का स्कूलों में वितरण शुरु हो जाएगा।
– दीपक पांडेय, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, ग्वालियर


