राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ड्रग्स केस से घिरे जिम संचालक मोनिस खान बुधवार को वकीलों के साथ क्राइम ब्रांच पहुंचा। उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। वह कागजी खानापूर्ती के लिए क्राइम पहुंचा था। इस दौरान उसने ड्रग्स केस की बात नकार दी। उसने तस्करी के धंधे से किसी तरह का लेनादेना नहीं होने की बात कही। जबकि उसका नाम कुख्यात ड्रग तस्कर आशु हसन ने पूछताछ में लिया था। आशु ने इस बात का खुलासा किया था कि एमडी ड्रग्स मोनिस से ही खरीदता था। पुलिस उसे लंबे समय से तलाश रही थी। हालांकि मोनिस ने बताया कि वे काम के सिलसिले में विदेश गया था। वहां से लौटने के बाद सुप्रीमकोर्ट से जमानत ली और कागजी कार्रवाई के लिए क्राइम ब्रांच आया है। मोनिस खान ने कहा, ‘मेरा ड्रग्स मामले में कोई संबंध नहीं है। मैं बिजनेसमैन हूं। मेरे द्वारा इस प्रकार का कोई काम नहीं किया गया है। मुझे न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। आरोपी सैफ उद्दीन ने क्या किया था खुलासा ड्रग को जिम आने वाले युवक-युवतियों को वेट लॉस की दवा बताकर खपाता था। मोनिस के जिम की भोपाल में तीन ब्रांच हैं, जहां हाई प्रोफाइल लोग भी जाते हैं। इसका खुलासा 18 जुलाई 2025 को सबसे पहले गिरफ्तार किए गए सैफउद्दीन ने पूछताछ में किया था। मोनिस जिम संचालन करने से पहले फिटनेस ट्रेनर भी रह चुका है। क्राइम ब्रांच ने मेमोरेंडम के आधार पर मोनिस को आरोपी बनाया। लेकिन केस में नाम आने के बाद वह मलेशिया चला गया।


