अजमेर के पुष्कर बायपास स्थित एक ढाबे पर शनिवार को चाय पी रहे लोगों पर 30-40 लोगों ने अचानक हमला कर दिया। हमले में दो लोगों को ज्यादा चोटें आई हैं, जिन्हें जेएलएन अस्पताल लाया गया। इनमें से एक की हालत गंभीर है। मामले की सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी ग्रामीण डॉ. दीपक कुमार, सदर कोतवाली एसएचओ अनिल देव के अलावा पुष्कर थाने की पुलिस भी अस्पताल पहुंची। गंभीर रूप से घायल लूणाराम का उपचार चल रहा है। घायल कैलाश जारोड़ा ने बताया – वह लूणाराम जारोड़ा और कुछ अन्य लोग पुष्कर बायपास स्थित महादेव ढाबे पर चाय पी रहे थे। अचानक 30-40 लोग धारदार हथियारों, सरिए और लाठी डंडे लेकर पहुंचे। 5-6 गाड़ियों में आए इन अज्ञात लोगों ने अचानक हमला कर दिया। इससे लूणाराम जारोड़ा के सिर, मुंह पर गंभीर घाव लगे हैं। उसे भी जमकर पीटा गया। उसकी पीठ पर भी जख्म के निशान हैं। हमलावार मारपीट कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद वहां मौजूद लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। हमले की यह बताई वजह मेड़ता रोड निवासी कैलाश ने बताया कि लूणाराम वन्यजीव संरक्षण के लिए बनी एक समिति के प्रदेशाध्यक्ष हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए भी काम करते हैं। करकेड़ी में अवैध आरामशीन चलने की सूचना पर वनविभाग, पुलिस और पटवारी ने शनिवार को एक ट्रक खेजड़ी के कटे पेड़ पकडे़। विभाग ने ट्रक को जब्त कर आरा मशीन को सीज कर दिया। इसके बाद वे पुष्कर बायपास आ गए, जहां वे चाय पी रहे थे। इस दौरान हमला किया गया। कैलाश का आरोप है कि आरा मशीन संचालक ने यह हमला कराया है। खेजड़ी की लकड़ी से भरा ट्रक जब्त वन विभाग की टीम ने किशनगढ़ रेंज के करकेड़ी गांव में शनिवार को दबिश देकर दो अवैध आरा मशीनें और खेजड़ी की लकड़ी से भरा एक ट्रक जब्त किया था। यह आरा मशीनें बबाईचा निवासी गुलशेर पुत्र सेठू और हाकिम पुत्र मनोहर खां की हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ राजस्थान फॉरेस्ट एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है। डीएफओ पी. बालामुरुगन ने किशनगढ़ रेंज की टीम को दबिश के लिए भेजा था, मौके पर आरोपी नहीं मिले। वन विभाग ने दो आरा मशीनें और एक ट्रक लकड़ी सीज कर बनेवड़ी नर्सरी परिसर में सुरक्षित रखवाए हैं। डीएफओ ने बताया कि करकेड़ी नागौर जिले का सीमावर्ती गांव है। खेजड़ी के पेड़ नागौर के एक खेत में काटे गए, जिन्हें बेचने के लिए नागौर से ट्रक भरकर लकड़ी करकेड़ी लाई जा रही थी। सूचना मिलते ही वन विभाग ने नाकाबंदी कर दबिश देकर ट्रक पकड़ लिया। दिसंबर 2025 में भी बबाईचा में आरा मशीनों को सीज करने की कार्रवाई की जा चुकी है।


