राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत जिले में तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार को सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला नोडल पदाधिकारी (एनटीसीपी) डॉ. सीमा गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन व्यक्ति ही नहीं, परिवार और समाज के लिए भी गंभीर खतरा है। इससे कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। डॉ. गुप्ता ने तंबाकू नियंत्रण कानून (कोटपा एक्ट) के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा। जागरूकता अभियान और सतत निगरानी को तंबाकू मुक्त समाज की दिशा में जरूरी बताया गया। प्रशिक्षण में स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य हितधारकों को कानून प्रवर्तन, जन-जागरूकता गतिविधियों और तंबाकू मुक्त सार्वजनिक स्थलों को सुनिश्चित करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में जिला परामर्शी सुशांत कुमार ने सभी से तंबाकू नियंत्रण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लेने की अपील की। बैठक में बताया गया कि झारखंड कोटपा संशोधन अधिनियम 2021 अब राज्य में लागू है। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान का जुर्माना 200 से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। राज्य में हुक्का बार पर पूर्ण प्रतिबंध है


