आजकल 16 से 22 साल के युवाओं में इमोशनल ईटिंग के मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पढ़ाई का दबाव, रिश्तों में उतार-चढ़ाव और करियर को लेकर चिंता इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। स्थिति यह है कि कई युवा तनाव या भावनात्मक उलझनों के समय जरूरत से ज्यादा खाना खाने लगते हैं। शुरुआत में यह उन्हें थोड़ी राहत देता है, लेकिन धीरे-धीरे ये आदत उनका वजन 8 से 10 किलो तक बढ़ा देती है। शहर की एक डाइटिशियन के पास हर महीने 10 से 12 ऐसे युवा पहुंच रहे हैं। इसका असर सिर्फ वजन पर ही नहीं, बल्कि डाइजेशन, मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-सम्मान पर भी पड़ रहा है। इस आदत से खाने का असली स्वाद भी खोने लगता है और भोजन सिर्फ तनाव मिटाने का जरिया बन जाता है। इमोशनल ईटिंग एक बढ़ती हुई समस्या है, खासकर युवाओं में। इसे नजरअंदाज करना अपनी भावनाओं को दबाने जैसा है। सही समय पर जागरूक होकर लाइफस्टाइल में बदलाव करना ही इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है। भावनाओं को साझा करें डाइटिशियन भव्या धीर बताती हैं कि इमोशनल ईटिंग का कारण अक्सर तनाव, अकेलापन, दुख या खुद से नाखुशी होता है। खाने से व्यक्ति को कुछ देर के लिए आराम तो मिलता है, लेकिन यह सिर्फ अस्थायी राहत होती है। इससे लंबे समय की मुश्किलें होने लगती हैं। धीरे-धीरे यह एक आदत में बदल जाती है और फिर वजन बढ़ने, डाइजेशन प्रॉब्लम, कम आत्म-सम्मान जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे में माइंडफुल ईटिंग, नियमित रूटीन, फिजिकल एक्टिविटी और सबसे अहम अपनी भावनाओं को किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बांटना या थेरेपी लेना यह काफी मददगार होता है। समय रहते बात नहीं की तो डिप्रेशन हो सकता केस 1 : पढ़ाई का दबाव और बढ़ता वजन: 19 साल का एक युवा एक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। पढ़ाई के साथ आने वाला तनाव और घर से दूर रहने का अकेलापन उसे बार-बार स्नैक्स और मीठा खाने की ओर खींचने लगा। शुरू में उसे लगा कि इससे उसका मूड अच्छा हो रहा है, लेकिन कुछ महीनों में उसका वजन 9 किलो बढ़ गया। अब वह थकान, सुस्ती और आत्मविश्वास में कमी महसूस करता है। केस 2 : ब्रेकअप के बाद बदली लाइफस्टाइल: एक 22 साल की युवती रिलेशनशिप ब्रेकअप के बाद भावनात्मक रूप से टूट गई। उसने अपना ज्यादा समय घर में बिताना शुरू कर दिया और चॉकलेट, पिज्जा व कोल्ड ड्रिंक उसका सहारा बन गए। तीन महीने में उसका वजन 8 किलो बढ़ गया। अब वह माइंडफुल ईटिंग और योग अपना रही है। केस 3 : सोशल मीडिया का दबाव: एक 19 साल का युवक सोशल मीडिया पर फिटनेस और परफेक्ट बॉडी की तस्वीरें देखकर खुद को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगा। उसने तनाव में चिप्स, फास्ट फूड और मीठी चीजें ज्यादा खाना शुरू कर दिया। नतीजतन 10 किलो वजन बढ़ा और उसकी परफॉर्मेंस घट गई।


