खंडवा में मंगलवार रात में हुई बारिश और तेज हवा के चलते फसलों को नुकसान पहुंचा है। खरीफ सीजन में सोयाबीन नुकसानी की मार झेल चुके किसानों के सामने यह दूसरी आफत थी। किसान अपने स्तर पर कोई आंदोलन करते, इससे पहले ही सरकार और विपक्ष अलर्ट हो गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किसानों के खेतों में जाकर हालात जाने, तो वहीं बजट सत्र के दौरान दिल्ली पहुंचे सांसद ने कहा कि, मैं दिल्ली में ही किसानों की बात रखूंगा। तहसीलदार बोले- आड़ी फसल फिर से खड़ी हो जाती है बुधवार को किल्लौद ब्लॉक में फसल नुकसानी के हालात देखने गए कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपालसिंह पुरनी को प्रशासनिक चुनौती का सामना करना पड़ गया। मौके पर आए तहसीलदार ने जिलाध्यक्ष और किसानों से कहा कि आड़ी फसल भी खड़ी हो जाती है। इसलिए थोड़ा इंतजार कर लेते है, फिर सर्वे कराएंगे। किल्लौद तहसीलदार धनाजी गढ़वाल के इस तर्क पर उत्तमपालसिंह पुरनी ने आपत्ति ली और फटकार लगाई। तब तहसीलदार ने कहा कि, मैं भी 15 एकड़ का काश्तकार हूं। कई बार देखा है कि आड़ी फसल धूप और हवा से खड़ी हो जाती है। हम लोग सर्वे करवा रहे है। एक दर्जन गांवों के खेतों में पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपालसिंह ने किल्लौद ब्लॉक के गड़बड़ी, हरिपुरा, सेमरूढ़, लछौड़ा, जूनापानी, खेड़ीपुरा, घाघरिया, मालुद, बड़गांव, कुंडिया, बिल्लोद, पाटाखाली, भुलवानी सहित कई गांवों का दौरा किया। खेतों में जाकर फसल नुकसानी के हालात देखें। उत्तमपालसिंह ने कहा कि किसानों की फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। निर्वाचित जनप्रतिनिधि फोन पर अधिकारियों से बात करके इतिश्री ना करें। फील्ड पर आकर फसल नुकसानी का सर्वे कराएं और किसानों को उचित मुआवजा दिलाएं। सांसद पाटिल ने कलेक्टर से बात की इधर, दिल्ली में गए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने वहां से खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता को फोन किया। कहा कि किल्लौद और आसपास के इलाकों में मावठा गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। इसका सर्वे करवा लिजिए। कलेक्टर गुप्ता ने कहा कि ठीक है, राजस्व विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर सर्वे करवा लेते है। सांसद पाटिल ने कहा कि आप सर्वे करवा लो, मैं दिल्ली में कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान से मिलकर मुआवजे की बात रखूंगा। इस पर कलेक्टर ने कहा कि पहले सर्वे करवाते है कि नुकसान कितना हुआ है।


