भास्कर न्यूज| सरायकेला आनंद मार्ग का विश्व व्यापी धर्म महासम्मेलन पहली जनवरी की शाम में हुआ। जिसमें तांडव एवं कौशिकी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विश्व के कोने-कोने से आए हुए प्रतिभागियों ने भाग लिया। सरायकेला के गुरुकुल आवासीय विद्यालय गम्हरिया के तीन विद्यार्थियों ने भाग लिया। तांडव नृत्य में नारायण महतो प्रथम, तपेश देव द्वितीय और शुभम मुर्मू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कौशिकी नृत्य प्रतियोगिता में नारायण महतो प्रथम एवं शुभम मुर्मू को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इन प्रतिभागियों को आनंद मार्ग प्रचारक संघ के पुरोधा प्रमुख आचार्य विश्व देवानंद ने सम्मानित किया। ज्ञात हो कि सभी नृत्य सब ग्रंथियों को समान रूप से प्रभावित नहीं करते। शरीर में ऐसी कुछ ग्रंथी है जो नृत्य से प्रभावित नहीं होते, उनका व्यायाम न होने के फलस्वरुप छोटी उम्र में मनुष्य का सामर्थ्य चला जाता है। विशेष कर चिंतनशीलता और स्मरण करने का गुण। तांडव नृत्य ही मस्तिष्क का व्यायाम है। इस नृत्य से पौरुष का विकास एवं 52 तरह के रोग एवं कौशिकी नृत्य से 26 रोग से निजात मिलती है। आनंद मार्ग प्रचारक संघ सरायकेला-खरसवां उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।


