भास्कर न्यूज | अमृतसर सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है और हर कोई सर्दी से बचने के लिए गर्म चींजे खा रहे हैं। वहीं भगवान को ठंड से बचाने के लिए, बादाम, काजू, केसर, अलसी, मगज समेत अन्य गर्म चीजों से तैयार गरमाई का भोग लगेगा। 16 दिसंबर से शुरु होकर गरमाई भोग अगले साल यानि 14 जनवरी तक निरंतर लगेगा। जबकि भगवान को देसी घी की नमकीन और मीठी खिचड़ी का भोग भी लगाना शुरु किया जाएगा। दुर्ग्याणा कमेटी की अध्यक्षता में मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चारण करके ठाकुर जी को लगने वाला गरमाई का भोग तैयार करना शुरु कर दिया है। वहीं भगवान को ठंड से बचाने को रुम हीटर भी लगा दिए हैं। सर्दी में ठाकुर जी को लगने वाले गरमाई के भोग में काजू, पिस्ता, केसर, दालचीनी, मगज, काली मिर्च, जयफल, जवित्री, अलसी, सौफ, अखरोट, बड़ी इलाची, खोया, देसी घी समेत अन्य गर्म चीजें डाली गई हैं। इन सभी चीजों को देसी घी में डालकर भोग बनाया जाता है। इस गरमाई के भोग को ठाकुर जी को सुबह लगाया जाता है। पौष मास से दुर्ग्याणा तीर्थ के मुख्य श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के सभी विग्रहों को अलग-अलग स्वांग धारण करवाया जाएगा। जिसमें राम दरबार में राम जन्म, श्री लक्ष्मी नारायण दरबार में मत्सय अवतार, राधा कृष्ण दरबार में देवकी वासुदेव को जेल का स्वांग धारण करवाया जाएगा। यह स्वांग हरेक रविवार को अलग से होगा।


