भास्कर न्यूज | धमतरी शासकीय नारायण राव मेघावाले कन्या कॉलेज धमतरी में फाइन आर्ट एवं फैब्रिक आर्ट विषय पर एक दिवसीय आर्ट वर्कशॉप का आयोजन प्रभारी प्राचार्य डॉ. डीआर चौधरी के निर्देशन में हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, नवाचार, स्वरोजगार एवं महिला स्वावलंबन की भावना को विकसित करना था। कार्यशाला में छात्राओं को फैब्रिक आर्ट, बर्ड ट्राय-कलर आर्ट, मधुबनी लूडो, फैब्रिक पाउच व पेंसिल पाउच जैसी विविध कलाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। छात्राओं ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ गतिविधियों में भाग लेते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तिरंगा थीम पर बर्ड ट्राय आर्ट प्रतियोगिता में हुलसी साहू बीकॉम चतुर्थ सेमेस्टर ने प्रथम स्थान, डोमेश्वरी साहू बीकॉम चतुर्थ सेमेस्टर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके उपरांत फैब्रिक आर्ट, पाउच निर्माण, मधुबनी लूडो एवं पेंसिल आर्ट पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला की मुख्य अतिथि अमृता श्रीवास्तव, डायरेक्टर मातृ कला निकेतन, पिथोरा रहीं। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न कलात्मक आर्टिकल बनाना सिखाया। कार्यक्रम का संचालन गणित विभाग की सहायक प्राध्यापक राजेश कुमार ने किया। आभार प्रदर्शन रोली जांगड़े द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. जेएल पाटले, डॉ. सीएस बांधे, हुकेश मार्कण्डेय, दानेश्वर साहू, पोखराज साहू, तीजन साहू, डॉ. जयश्री रणसिंह, डॉ. पूर्णिमा साहू, अतिथि ग्रंथपाल नरेंद्र साहू, सतीश साहू आदि उपस्थित थे। डॉ. डीआर चौधरी ने कहा कि कला एक सूक्ष्म व सशक्त माध्यम है, जिसमें यदि एक बार दक्षता प्राप्त कर ली जाए, तो रोजगार की चिंता नहीं रहती। उन्होंने छात्राओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभा पहचानने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने व कला को आजीविका का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रोहिणी मरकाम ने कहा कि कला एक विशिष्ट प्रतिभा है, जिसमें पूर्ण समर्पण और निरंतर अभ्यास से ही निखार आता है। यह कार्यशाला मातृ कला निकेतन, पिथोरा तथा गणित विभाग एवं आईक्यूएसी के साथ हुए एमओयू के अंतर्गत आयोजित की गई।


